Deoghar: कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव के यहां ईडी की छापेमारी के बाद प्रदीप यादव ने इस कार्रवाई के पीछे सांसद निशिकांत दुबे का हाथ बताया है। इस आरोप को सिरे से नकारते हुए सांसद निशिकांत ने कहा कि ईडी रेड का इतिहास में झारखंड में नया नहीं है। और इसमें बीजेपी का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि इलाके का सांसद होने के नाते उनके कुछ सवाल हैं अगर इसकी जाँच ईडी द्वारा की जाये तो पता चल जायेगा कि कांग्रेस भ्रष्ट्राचार में कितनी डूबी हुई है।

सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार की शाम अपने देवघर स्थित आवास पर प्रेसवार्ता करते हुए पांच से छह सवाल किये और कहा कि इसकी जाँच ईडी द्वारा करनी चाहिए। सांसद ने सबसे पहले पूछा कि प्रदीप यादव का करीबी मनोज अकेला जो कि एक सरकारी कर्मचारी है या नहीं, और अगर है तो आखिर किसकी शह पर अपनी पत्नी के नाम पर ठेकेदारी कर रहा है। जो बैंक अकॉउंट उसकी पत्नी की कंपनी का है उसका सिग्नेटरी कौन है?, और पिछले पांच साल के दौरान हेमंत सोरेन सरकार में पौड़ेयाहाट से गोड्डा तक कितने पूल स्पेशल डिवीज़न द्वारा मनोज अकेला के पत्नी की कम्पनी को दिया गया है और किस रेट पर। यानि टेंडर अपर रेट पर हुआ या लोअर रेट पर।

उन्होंने सवाल किया है कि आखिर किसके कहने पर मनोज अकेला के कम्पनी को अपर रेट पर टेंडर दिया गया। किसने टेंडर मनेजमेंट का खेल मनोज अकेला के साथ मिलकर किया। इसके जनवरी 2020 से जून 2023 तक के सभी टेंडर की जाँच ईडी को करनी चाहिए।
सांसद निशिकांत दुबे ने प्रदीप यादव के पीएस यानि निजी सचिव देवेंद्र पंडित को लेकर भी सवाल किये हैं और कहा है कि ईडी को ये जाँच करनी चाहिए कि आखिर इनकम टैक्स जमा नहीं करने वाला व्यक्ति 30 करोड़ की जमीन का मालिक कैसे बन गया। उन्होंने बताया कि निगम के रिपोर्ट के आधार पर देवेंद्र पंडित का देवघर में 30 करोड़ की जमीन है। जाँच होनी चाहिए कि किसने जमीन खरीदी है।
सांसद निशिकांत ने पूछा कि शिवकुमार नामक व्यक्ति जो सात साल पहले जूनियर इंजीनियर हुआ करता था। सात साल में ऐसी कौन सी जादू की छड़ी चली कि शिवकुमार के पास हजारों की सम्पत्ति आ गयी। आखिर डेढ़ साल में सिकटिया बराज का टेंडर अवार्ड क्यों नहीं हो पाया है। इन सबकी जाँच ईडी को करनी चाहिए तब ये स्पष्ट हो जायेगा कि प्रदीप यादव के शह पर ही ये सब हो रहा है और कांग्रेस के प्रदीप यादव भ्रस्टाचार में कितने लिप्त हैं।
जानकारी हो कि पिछले दिनों ईडी ने पोड़ैयाहाट क्षेत्र के कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव और उनके करीबियों के तकरीबन डेढ़ दर्जन ठिकानों पर छापे के दौरान टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े जो साक्ष्य इकट्ठा किए हैं, उसके आधार पर अब आधा दर्जन लोगों से पूछताछ की तैयारी चल रही है। जिन लोगों से पूछताछ की तैयारी चल रही है, उनमें विधायक प्रदीप यादव के निजी सचिव देवेंद्र पंडित के अलावा शिव कुमार, अजय झा, विनोद लाल, अजय अकेला और श्यामाकांत यादव शामिल हैं। इन लोगों के ठिकानों पर ईडी द्वारा की गई छापेमारी में कई दस्तावेज बरामद हुए थे। छापे में जो दस्तावेज मिले हैं उसके अनुसार बड़े पैमाने पर मनीलॉन्ड्रिंग का संदेह है।
वहीं, ईडी की छापेमारी की कार्रवाई खत्म होने के बाद प्रदीप यादव ने कहा था कि, “यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। इसके पीछे सांसद निशिकांत दुबे का हाथ है।” इसके साथ ही केन्द्र सरकार पर हमला करते हुए यादव ने कहा कि “2024 के चुनाव से पहले ऐसी नौटंकी की जा रही है। “
गौरतलब है कि ईडी से पहले आयकर विभाग ने 4 नवंबर 2022 को प्रदीप यादव के यहां छापेमारी की थी.



