Ranchi: 13 मार्च से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवाएं संघ से वार्तालाप की पहल की।

शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवाएं संघ, झारखंड के राज्य प्रतिनिधि मंडल की स्वास्थ्य मंत्री से सुबह 11:00 बजे उनके आवासीय कार्यालय में और अपर मुख्य सचिव महोदय से दोपहर बाद 4:00 बजे नेपाल हाउस में सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। बड़ी बात यह थी कि छुट्टी का दिन होने के बावजूद नेपाल हाउस के कार्यालय खोले गए और संघ के साथ इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए अपर मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव विद्याशंकर पंकज, आलोक त्रिवेदी एवं अवर सचिव पी एन शर्मा की उपस्थिति सुनिश्चित की। सभी की मौजूदगी में करीब एक घंटे तक बैठक हुई।
बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई:

1) बायोमैट्रिक अटेंडेंस बनाई जाएगी लेकिन उसे वेतन से नहीं जोड़ा जाएगा और उसकी मॉनिटरिंग का अधिकार संबंधित जिला के सिविल सर्जन को होगा।
2) मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के वर्तमान स्वरूप पर विभाग एवं संघ के बीच सहमति बनी।
3) डी आई सी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में जरूरी सुधार संबंधित ड्राफ्ट तैयार किया है। अपर मुख्य सचिव ने विश्वास दिलाया है कि इसे जल्दी ही अध्यादेश के रूप में लाने का प्रयास किया जायेगा।
4) चिकित्सकों से संबंधित समस्याओं जैसे डीएसीपी, सेवा संपुष्टि, प्रमोशन, स्पेशलिस्ट में समायोजन के लिए समय-समय पर संघ के साथ बैठक ली जाएगी।



