Deoghar: देवघर में प्रस्तावित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर (International Convention Center) के निर्माण को गति देने और रांची में प्रस्तावित वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर (world trade center) की योजना को वाणिज्य मंत्रालय द्वारा रद्द कर दिए जाने के संबंध में संप चैम्बर ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल जी को पत्र लिखा है।

चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने पत्र में लिखा है कि स्थानीय सांसद डाॅ. निशिकान्त दुबे के प्रयास से देवघर में वाणिज्य मंत्रालय द्वारा एक इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर का निर्माण प्रस्तावित है, लेकिन इस दिशा में कोई कार्य प्रगति पर नहीं है। पत्र में देवघर की महत्ता को दर्शाते हुए यहां कन्वेंशन सेन्टर के निर्माण पर बल दिया गया है।

जिक्र है कि देवघर झारखण्ड राज्य की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जाना जाता है और यह दो पड़ोसी राज्यों बिहार, बंगाल की सीमाओं से सटा हुआ है। यहां प्रायः ही उच्च स्तरीय कला, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और व्यापारिक मेला एवं प्रदर्शनी लगते रहते हैं। यहां हस्तशिल्प की अपार संभावनाएं हैं और हस्तशिल्पियों के लिए एक स्थायी अरबन हाट की भी शिद्द्त से जरूरत महसूस की जाती रही है। देवघर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केन्द्र है और भारत के महत्वपूर्ण आइकोनिक धार्मिक स्थल के रूप में भी चिन्हित हो चुकी है। द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर के साथ ही यहां स्वामी सत्यानंद जी का आश्रम रिखियापीठ और ठाकुर अनुकूल चन्द्र जी का सत्संग आश्रम भी है। यहां कई अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्र, प्लास्टिक पार्क, एसटीपीआई, एम्स, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं बहाल है। देवघर झारखण्ड राज्य के शीर्ष 5 शहरों में शुमार है और सबसे प्रगतिशील जगह के रूप में जाना जाता है।
चैम्बर की मांग है कि अपनी सांस्कृतिक और व्यापारिक गतिविधियों में समान रूप से विशिष्टता की ओर बढ़ते शहर देवघर में प्रस्तावित इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर निर्माण के कार्य को गतिशक्ति योजना में शामिल कर पर्याप्त गति दिया जाय। इस कन्वेंशन सेन्टर में वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत अरबन हाट की परिकल्पना को भी मूर्त रूप दिया जाय ताकि एक ही स्थान पर कई गतिविधियों का केन्द्र बनाकर उसे विकास का उन्नत आयाम मिल सके।
संप चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने आगे कहा है कि रांची में 2019 में प्रस्तावित वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर का निर्माण वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 1 सितम्बर 2022 को निरस्त कर दिया गया है। इससे झारखण्ड के व्यापार जगत को गहरा आघात लगा है। स्थानीय सरकार ने लगभग 3.5 एकड़ जमीन चिन्हित कर माह जुलाई 2022 को इसका शिलान्यास भी कर लिया था जिसमें हम सब पूरे राज्य के व्यवसायी शामिल हुए थे। रांची में वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर बनने से राज्य के व्यापार, इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट को काफी लाभ मिलता। चैम्बर ने मांग किया है कि इस ट्रेड सेन्टर को निरस्त करने के फैसले पर पुनर्विचार कर झारखण्ड के व्यवसाय हित की प्रगति में इस योजना को जारी रखने का निर्णय लिया जाय।
पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय और सांसद डाॅ. निशिकान्त दुबे को भी प्रेषित की गई है।



