
Sahebganj: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधानसभा सीट (Assembly seat of Chief Minister Hemant Soren) वाले जिले से सिस्टम को झकझोर देने वाली ऐसी तस्वीर सामने आई हैं जिसने स्वास्थ्य इंतज़ाम को लेकर सरकार के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी हैं. यहाँ प्रसव पीड़ा से तङप रही एक गर्भवती को आज भी खाट के शहरे अस्पताल पहुँचाया जा रहा हैं

बोरियो प्रखंड के राकसो पंचायत की घटना

सरकार के दावों की पोल खोलती यह तस्वीरें सामने आई हैं जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत बड़ा राकसो पंचायत क्षेत्र के मठियो गाँव से. गाँव की गर्भवती महिला मैसी पहाड़िन को रविवार की शाम अचानक प्रसव पीड़ा शुरु हो गई. जिसके बाद परिजनों ने एम्बुलेंस को सूचना दिया। लेकिन गाँव तक सड़क की समुचित व्यवस्था नही होने के कारण एम्बुलेंस गाँव तक नही पहुँच सका। और फिर परिजनों ने खाट पर टांग कर गर्भवती महिला को करीब डेढ़ किमी दूर एम्बुलेंस तक पहुँचाया।
मौसम नें दिया होता दग़ा तो, जा सकती थी जान
पीड़ित परिवार नें किसी तरह महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। गनीमत यह रही कि, बीते दिनों तेज़ बारिश नही हुई है। जिसके कारण गाँव के बगल से गुजरती नदी का जलस्तर सामान्य था और, गर्भवती महिला को आसानी से सड़क तक पहुँचाया जा सका। ग्रामीणों की माने तो तेज़ बारिश होते ही नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। जिससे मठियो समेत अन्य गाँव का प्रखंड मुख्या लय से संपर्क टूट जाता है।
आजादी के सात दशक बीत गए लेकिन, सड़क भी मयस्सर नहीं
देश आजाद होने के सात दशक व राज्य अलग हुए दो दशक बीत चुके है। केंद्र व राज्य में अलग अलग सरकारें आयी और गई। लेकिन पहाड़ो पर बसे पहाड़िया आदिम जनजाति को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार की सांसें फूल सी गयी है।सरकार की विकास की गाड़ी पहाड़ो तक पहुँचने से पहले पंचर हो जाती है। बोरियो प्रखंड क्षेत्र के पहाड़ो पर बसे पहाड़िया आदिम जनजाति बुनियादी सुविधाओं से कोसो दूर है।


