
Madhupur (Deoghar): शुक्रवार को मधुपुर पहुंचे गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने झारखंड में 1932 खतियान लागू किए जाने के बावत कहा कि पूरा पलामू कमिश्नरी, कोल्हान, संतालपरगना के अधिकतर हिस्से, पूरा धनबाद 1932 के सर्वेक्षण में चिन्हित नहीं है।

निशिकांत दुबे ने कहा कि ज्यादातर अनुसूचित जाति के लोगों के पास घर के लिए भी ज़मीन नहीं है। 1947 में भारत-पाकिस्तान बंटवारा के बाद भी कुछ लोग यहां आकर बसे हैं। झारखंड के 3 करोड़ 50 लाख लोगों में 2 करोड़ 50 लाख यानि दो तिहाई लोगों के लिए राज्य सरकार के पास क्या नीति है ? मधुपुर तो 1956 में संतालपरगना में आया है, यहां किसी आदमी को 1932 खतियान का लाभ नहीं मिलने वाला है।


