
Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के न्यायमूर्ति जस्टिस अपरेश कुमार सिंह एवं जस्टिस दीपक रोशन ने सोमवार को प्रताप एक्का द्वारा अपनी प्रेमिका के साथ रहने को लेकर दायर हैवियस कॉर्पस याचिका (Heavius Corpus Petition) की सुनवाई करते हुए याचिका को स्वीकृत कर लिया। साथ ही युवक को उसकी प्रेमिका के साथ रहने की अनुमति दे दी। गुमला निवासी युवक प्रताप एक्का और जगन्नाथपुर इलाके की रहने वाली युवती ने खुद को बालिग बताते हुए हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर कहा है कि वे शादी कर एक साथ रहना चाहते हैं।

कोर्ट के आदेश के आलोक में प्रताप एक्का, युवती और उसके पिता चेंबर में कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए। कोर्ट ने दोनों को साथ रहने की अनुमति देते हुए जगन्नाथपुर थाना इंचार्ज को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि इन दोनों के एक साथ रहने में कोई बाधा न डालें। कोर्ट ने मामले को निष्पादित कर दिया।
युवक ने दायर की थी याचिका

उल्लेखनीय है कि प्रताप एक्का ने हाई कोर्ट में हैवियस कॉर्पस याचिका दायर कर कहा था कि वह अपनी प्रेमिका के साथ रहना चाहता है और उससे शादी करना चाहता है। लेकिन युवती के घर वाले राजी नहीं है। युवती के परिवार वालों ने उसे जबरदस्ती अपने घर में रखा है और उससे मिलने नहीं देते हैं। साथ ही उससे मोबाइल पर बात नहीं करने देते हैं। दोनों बालिग हैं और दोनों को कानूनी अधिकार है कि वह अपने मनपसंद इंसान के साथ रहकर जीवन यापन कर सकते हैं। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने मामले में पैरवी की थी।
पूर्व में जनवरी 2022 में प्रताप एक्का की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में इसी मामले को लेकर है याचिका दाखिल की गई थी। हाई कोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रार्थी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसपर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट पुनर्विचार करने को कहा था।



