
रांची: झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) में सातवीं JPSC परीक्षा के कट ऑफ डेट को चुनौती देने वाली अपील याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद प्रार्थियों की याचिका को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील याचिका को खारिज कर दिया है।

याचिका खारिज होने से प्रार्थियों को बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट में रीना कुमारी और अमित कुमार और अन्य की ओर से दायर अपील याचिका पर वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने कोर्ट में पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से उपस्थित महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने और जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं प्रिंस कुमार ने अदालत में बहस की।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति डॉ रविरंजन एवं जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई। प्रार्थियों के द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2020 में संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए निकाले गए विज्ञापन में उम्र का कट ऑफ डेट 2011 रखा गया था लेकिन उस विज्ञापन को वापस ले लिया।
एक साल बाद ही जेपीएससी की ओर से संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए विज्ञापन निकाला गया है, जिसमें कट ऑफ डेट एक अगस्त, 2016 रखा गया है। प्रार्थियों ने इसे घटाकर एक अगस्त, 2011 करने की मांग की है।
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