
पटना: बिहार में कोरोना वायरस और ब्लैक फंगस के खतरे के बीच चमकी बुखार भी कहर बरपा रहा है। राज्य में चमकी बुखार से एक बच्चे की आज मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने चार घंटे तक बचाने की जद्दोजहद की, मगर सफल नहीं हो सके। अब तक बिहार में पांच बच्चों की चमकी बुखार से मौत हो चुकी है।

जानकारी के मुताबिक एसकेएमसीएच के पीआईसीयू वार्ड में इलाज के दौरान एईएस पीड़ित बच्चे की मौत हो गयी। उसे दोपहर डेढ़ बजे के करीब गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। चार घंटे के बाद भी डाॅक्टर उसे बचा नहीं सके। डाॅक्टरों की टीम ने हाइपोग्लेसेमिया नाम के बीमारी से ग्रसित होने की बात बताइ। एईएस से पीड़ित शिवहर के बेलसर थाना क्षेत्र के मिश्ररौलिया गांव निवासी रंजीत कुमार के चार वर्षीय पुत्र अजीत कुमार था। अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ. गोपाल शंकर सहनी ने मौत की पुष्टि की है।

परिजन ने बताया कि सुबह चमकी-बुखार होने पर शिवहर ले गये। चमकी अधिक होने पर डाॅक्टर एसकेएमसीएच भेज दिये। यहां भर्ती कर अजीत की इलाज शुरू की गयी। शाम साढ़े पांच बजे के करीब बच्चे की मौत हो गयी।
वहीं, पीआईसीयू वार्ड में रविवार को चमकी-बुखार के लक्षण से पीड़ित होने पर दो बच्चों को भर्ती किया गया। डाॅक्टर ने बताया कि सभी बच्चो का स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज की जा रही है। पैथोलाॅजी रिपोर्ट आने के बाद बीमारी की पुष्टि की जाएगी। अबतक 26 बच्चो में एईएस की पुष्टि की गयी। जिसमें से पांच बच्चो की मौत हो गयी।


