
रांची

रांची का एक ऐसा सांसद जो अपने लिए नहीं दूसरों के लिए जीता है, क्योंकि ऊपर वाले की कृपा से अपने घर परिवार और बच्चों से निश्चिंत होने के बाद अब सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र की जनता के लिए दिन रात काम कर रहे हैं। रांची के लोकसभा सांसद संजय सेठ कोरोना काल में जहां मृतक पत्रकार के बच्चों की पूरे जीवन की पढ़ाई का खर्च उठा लिया वही अपने संसदीय क्षेत्र में कोरोना से पीड़ित लोगों को घर तक पौष्टिक भोजन पहुंचाने का जिम्मा भी उठाया।

1000 से ज्यादा घरों में पिछले 1 महीने से ज्यादा समय से सुबह और शाम पौष्टिक भोजन जिसके एक थाली की कीमत डेढ़ सौ रुपए और फ्रूट्स दूध के अलावा प्रोटीन की चीजें घरों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए एक वॉलिंटियर्स की टीम तैयार की है। जो युवा है और एनर्जी से भरा पड़ा है। 18 अप्रैल से सांसद कोरोना के मरीजों को घर तक खाना पहुंचाने के लिए अभियान शुरू किया था, जो अभी तक जारी है।

अभी तक 20 हज़ार नमो भोजन का थाली घर घर पहुंचाने का कार्य किए हैं। कोरोना के पिक समय में जहाँ लोग घर पर थे। वही सांसद संजय सेठ और उनके वॉलिंटियर बिना भय के घर-घर लोगों को भोजन पहुंचा रहे थे। यही नहीं पत्रकार अर्पण चक्रवर्ती की मौत होने के बाद सांसद संजय सेठ में उनके दोनों बच्चों की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठा लिया है। यह उनकी पहली मदद नहीं है इससे पहले वरिष्ठ पत्रकार सतीश वर्मा का कैंसर से निधन होने के बाद उनकी बेटी की पढ़ाई का पूरा खर्च सांसद उठा रहे हैं।
पत्रकार सतीश वर्मा की बेटी आईआईटी मुंबई में पढ़ाई कर रही है। उसी दौरान पिता का निधन हो गया तो सांसद संजय सेठ आगे आकर एक पिता का फर्ज निभा रहे हैं।



