देवघर।

वैसे तो देवघर जिले में जमीन से जुड़े कई ऐसे मामले हैं, जिसकी शिकायत के बावजूद जांच तो छोड़िए..जमीन किस हाल में है उसकी सुधि लेने वाला भी कोई नहीं है। लेकिन,
आज जिस जमीन की बात करने जा रहे उसकी जांच की प्रक्रिया कुछ यूं तेज गति में हुई कि एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरे चार FIR एक ही जमीन के एक ही मामले में हो गए।

मामला जुड़ा है देवघर के एलकोसीधाम से.. वही एलकोसी धाम जिसकी जमीन की रजिस्ट्री गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम की कंपनी ऑनलाइन एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करायी गयी थी। जमीन निबंधन को कपटपूर्ण बताते हुए देवघर के रजिस्ट्रार सह उपायुक्त द्वारा सोमवार को निबंधन रद्द किया गया व क्रेता, विक्रेता, पहचान वाले और गवाहों के विरुद्ध FIR का आदेश दिया गया था। DC के आदेशानुसार मंगलवार को जिला अवर निबंधक ने देवघर नगर थाने में क्रेता, विक्रेता, पहचानकर्ता और गवाह के विरुद्ध FIR दर्ज कराया गया है।
अब इस पूरे मामले में दिलचस्प पहलू यह है कि पहले भी इसी जमीन को लेकर एक ही मामले में तीन FIR देवघर नगर थाने में किये जा चुके हैं। पहला FIR विष्णुकांत झा नामक व्यक्ति द्वारा किया गया था, पहले FIR के चंद दिनों बाद दूसरा FIR जमीन पर अपना दावा करने वाली किरण सिंह द्वारा किया गया, तीसरा शशि सिंह और अब चौथा FIR इसी मामले में DC के आदेशानुसार किया गया है। अब पुलिस इस मामले की जांच करेगी।

अब जानकार इसपर सवाल उठा रहे कि आखिर एक ही मामले में कितने FIR?
देवघर के जाने-माने अधिवक्ता प्रीतम सिंह इस मामले पर कहते हैं कि " same set of fact पर कितने मुकदमे चल सकते हैं? एक ही मुकदमा चलेगा न। Multicity of cases नहीं होना चाहिए, इसे जस्टिफाई नहीं माना जा सकता है। "
अब मामला क्या है उसपर नज़र डालते हैं.
दरअसल, देवघर में एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री 29 अगस्त 2019 को की गयी थी। MP निशिकांत दुबे की पत्नी पर आरोप था कि उन्होंने सिर्फ तीन करोड़ कैश देकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली। जबकि जमीन की स्टाम्प वैल्यू ज्यादा है। वहीं, निशिकांत दुबे का कहना है कि उन्होंने जमीन निबंधन की सारी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की है।


