
Shimla: पहाड़ों की रानी शिमला (queen of hills shimla) में जंगलों की आग (forest fire) कम होने का नाम नहीं ले रही है। बारिश न होने की वजह से राजधानी के जंगल आग में खाक हो रहे हैं। कहीं-कहीं तो कई दिनों से जंगल धधक रहे हैं। आग के रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ने से लोगों में अफरातफरी का माहौल है। दो दिन पहले शहर के बडश गांव में जंगल की आग से एक वाहन और एक दुकान खाक हो गई। यहां के तारादेवी के घने जंगल में लगी आग शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे के समीप पहुंच गई। इसी तरह समरहिल और टूटू से सटे जंगलों की आग शिमला-मंडी नेशनल हाइवे की ओर बढ़ रही है। तारादेवी जंगल में लगी आग पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन को पैरामिलिट्री एवं होमगार्ड के जवानों की मदद लेनी पड़ रही है।
आग की जद में आ रहे शहर

आग की जद में आ रहे शहर के जंगलों से उठ रही लपटें और धुएं के गुब्बार से यहां घूमने आ रहे सैलानी भी सहम रहे हैं। शिमला ग्रामीण के डीएफओ कृष्ण कुमार ने बताया कि विगत एक सप्ताह से जंगल आग से धधक रहे हैं और लगभग 75 हेक्टेयर जंगल राख हो गए हैं। तारादेवी जंगल में कुछ दिनों से आग भड़की हुई है। आग बुझाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
आगजनी से कई हैक्टेयर वन्य क्षेत्र प्रभावित

उधर, शिमला शहरी के डीएफओ अनिता भारद्वाज ने बताया कि समरहिल, बनुटी, ग्लैन-गवाही में भड़की आग पर देर रात काबू पा लिया गया है। आगजनी से कई हैक्टेयर वन्य क्षेत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि शहर के वन्य क्षेत्रों में अब तक आग लगने की आधा दर्जन के करीब घटनाएं ही चुकी हैं।
वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो पिछले दो माह में सामान्य बारिश न होने से जमीन भी सूख गई है। सूखी घास और पत्तियां आग भड़काने में मददगार हो रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बीच आगजनी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने दमकल कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।


