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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की अभिनेत्री मुनमुन दत्ता उर्फ बबिता जी, हांसी में गिरफ्तार

धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा से मशहूर अभिनेत्री मुनमुन दत्ता (34) सोमवार को हांसी शहर थाना में दर्ज अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर के समक्ष पेश हुईं।

Hisar(Haryana): धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा से मशहूर अभिनेत्री मुनमुन दत्ता (34) सोमवार को हांसी शहर थाना में दर्ज अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर के समक्ष पेश हुईं। जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर ने उन्हें औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लगभग चार घंटे तक उनसे अपने कार्यालय में पूछताछ की। पूछताछ करने के बाद मुनमुन दत्ता को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया।

इस दौरान डीएसपी कार्यालय के बाहर मीडिया और प्रशंसकों का तांता लगा रहा। एहतियातन कार्यालय में भारी पुलिस बल तैनात रहा।मुनमुन दत्ता हाई कोर्ट की वकील, दो सुरक्षाकर्मियों और बाउंसरों के साथ डीएसपी कार्यालय पहुंचीं। मुनमुन ने इस दौरान मीडिया से बात नहीं की।

मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा हांसी के दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कल्सन ने 13 मई 2021 दर्ज कराया था। मुनमुन ने मुकदमे को खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2021 को यह याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद मुनमुन दत्ता ने हिसार की एससी एसटी एक्ट के तहत स्थापित विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। अदालत ने 28 जनवरी को याचिका खारिज कर दी थी।

इसके बाद अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने अग्रिम जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट के जस्टिस अवनीश झिंगन ने 4 फरवरी को मुनमुन दत्ता को हांसी में जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर जांच में शामिल होने का आदेश दिया। हाई कोर्ट ने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी मुनमुन दत्ता को गिरफ्तार कर पूछताछ करने के बाद अंतरिम जमानत पर छोड़ दे। वह 25 फरवरी को जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें।

Actress Munmun Datta

मुनमुन दत्ता ने पिछले साल 9 जनवरी को यू ट्यूब पर वीडियो जारी कर अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस पर रजत कलसन ने 13 मई 2021 को मुनमुन दत्ता के खिलाफ थाना शहर हांसी में एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। कलसन का कहना है कि एससी एसटी एक्ट में अंतरिम जमानत का प्रावधान नहीं है। उन्होंने पहले ही हांसी पुलिस द्वारा पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह को अंतरिम जमानत दिए जाने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उस पर जल्दी सुनवाई होने वाली है। उन्होंने कहा कि वह हाई कोर्ट के मुनमुन दत्ता को अग्रिम जमानत देने के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

हांसी के दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कलसन इससे पहले दलितों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह और फिल्म अभिनेत्री युविका चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। इन दोनों को भी हांसी पहुंचकर पुलिस जांच में शामिल होना पड़ा था। पुलिस ने उन्हें भी औपचारिक तौर पर गिरफ्तार पर अंतरिम जमानत पर रिहा किया था।

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