
बिहार, हरियाणा और आंध्रप्रदेश के बाद अब गुजरात में भी स्कूल खोलने की तैयारी हो गयी है। गुजरात सरकार ने 26 जुलाई से क्लास नौ से 11वीं तक के लिए स्कूल (school opening news) खोल दिये हैं। इसके लिए सरकार ने 50 प्रतिशत की उपस्थिति को ही मंजूरी दी है, इसलिए स्टूडेंट्स अल्टरनेट डे पर स्कूल जायेंगे। स्कूलों को कोरोना प्रोटोकाॅल के पालन की सख्त हिदायत दी गयी है।

गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने 15 जुलाई से 12वीं कक्षा के अलावा कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कक्षाएं शुरू कर दी हैं और अब कक्षा नौ से 11 तक के बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने की इजाजत दे दी गयी है।
स्कूल खोलने पर इन राज्यों ने नहीं किया है फैसला

दिल्ली और झारखंड जैसे राज्यों ने स्कूल खोलने पर अभी कोई फैसला नहीं किया है, जबकि बिहार में स्कूल खोल दिये गये हैं। उत्तर प्रदेश में भी एक जुलाई से स्कूल खुले हैं, लेकिन अभी बच्चों को आने की इजाजत नहीं दी गयी है। जिन राज्यों में भी स्कूल खुल गये हैं वहां इस बात की सख्त हिदायत दी गयी है कि बच्चे अभिभावकों की सहमति लेकर ही स्कूल आये।
एम्स निदेशक और आईसीएमआर ने स्कूल खोलने की वकालत की
एम्स निदेशक डाॅ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि बच्चों में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबाॅडीज अच्छी है और वे संक्रमण को हैडिंल भी अच्छे से कर लेते हैं इसलिए खोले जाने चाहिए क्योंकि पिछले साल से ही पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है। वहीं आईसीएमआर (ICMR) ने कहा है कि सीरो सर्वे में यह बात सामने आयी है कि बच्चों में एंटीबाॅडीज है, छोटे बच्चों में संक्रमण का प्रभाव कम दिखता है इसलिए हाईस्कूल से पहले मिडिल स्कूल खोले जाने चाहिए।


