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वीरता और मानवता के महानायक सैम मानेकशॉ ने आज ही के दिन दुनिया को कहा था अलविदा

वीरता और मानवता का महानायकः सैम होरमूजजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशॉ- यह उनका पूरा नाम था लेकिन उन्हें लोग प्रेम और आदर से सैम ही कहा करते थे। सैन्य अधिकारी के रूप में चर्चित नाम सैम मानेकशॉ। उनकी दीर्घ सैन्य सेवा और 1971 में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें पहले फील्ड मार्शल का सम्मान मिला।

फील्ड मार्शल मानेकशॉ का नाम लेते ही रौबीले मूछों वाले सैन्य अधिकारी की छवि सामने आ जाती है। साल 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान को धूल चटा देने वाली भारतीय सेना का नेतृत्व करने वाले मानेकशॉ ने इसके पहले दूसरे विश्वयुद्ध, 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 के भारत-पाकिस्तान वॉर के अलावा भारत-चीन युद्ध में भी हिस्सा लिया था। सैम अपने लिए सबसे गर्व की बात यह नहीं मानते थे कि भारत ने उनके नेतृत्व में पाकिस्तान पर जीत दर्ज की। उनके लिए सबसे खास वे क्षण थे, जब युद्धबंदी बनाए गए पाकिस्तानी सैनिकों ने स्वीकार किया था कि उनके साथ भारत में बहुत अच्छा व्यवहार किया गया। वीरता और मानवता की अनगिनत कहानियों का यह महानायक साल 2008 में 27 जून को इस दुनिया से प्रस्थान कर गया।

अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं-

1693: लंदन में महिलाओं की पहली पत्रिका ‘लेडीज मरकरी’ का प्रकाशन शुरू।

1838: राष्‍ट्रगीत के र‍चयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्‍याय का जन्‍म।

1893: सिख साम्राज्‍य के संस्‍थापक पंजाब के महाराज रणजीत सिंह का निधन।

1957: ब्रिटेन की मेडिकल रिसर्च काउंसिल की एक रिपोर्ट में बताया गया कि धूम्रपान की वजह से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।

1964: तीन मूर्ति भवन को नेहरू संग्रहालय बनाया गया।

1967: लंदन के एनफील्ड में विश्व का पहला एटीएम स्थापित किया गया।

1967: भारत में निर्मित पहले यात्री विमान एचएस 748 को इंडियन एयरलाइंस को सौंपा गया।

2002: जी-8 देश परमाणु हथियार नष्ट करने की रूसी योजना पर सहमत।

2003: अमेरिका में समलैंगिकता पर प्रतिबंध रद्द हुआ।

2008: माइक्रोसॉफ्ट कार्पोरेशन के चेयरमैन बिल गेट्स ने अपने पद से इस्तीफा दिया।

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