Global Statistics

All countries
352,710,256
Confirmed
Updated on Monday, 24 January 2022, 9:57:14 pm IST 9:57 pm
All countries
278,191,256
Recovered
Updated on Monday, 24 January 2022, 9:57:14 pm IST 9:57 pm
All countries
5,616,498
Deaths
Updated on Monday, 24 January 2022, 9:57:14 pm IST 9:57 pm

Global Statistics

All countries
352,710,256
Confirmed
Updated on Monday, 24 January 2022, 9:57:14 pm IST 9:57 pm
All countries
278,191,256
Recovered
Updated on Monday, 24 January 2022, 9:57:14 pm IST 9:57 pm
All countries
5,616,498
Deaths
Updated on Monday, 24 January 2022, 9:57:14 pm IST 9:57 pm
spot_imgspot_img

आज के दिन जन्म लिए थे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’: इतिहास के पन्नों मेंः 11 जून

19 दिसंबर 1927 को सुबह छह बजकर 30 मिनट पर गोरखपुर की जिला जेल में उन्हें फांसी दे दी गयी। उनके पार्थिव शरीर को तकरीबन डेढ़ लाख लोगों के जुलूस ने पूरे शहर में घुमाया और राप्ती नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया।

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी रामप्रसाद ‘बिस्मिल’ ने 30 वर्ष की आयु में फांसी के फंदे को चूम लिया। 11 जून 1897 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पैदा हुए बिस्मल, मैनपुरी षड्यंत्र और काकोरी कांड में शामिल होने के साथ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे। क्रांतिकारी के साथ-साथ वे कवि, शायर और साहित्यकार भी थे जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित पुस्तकें, लेख व कविताएं ‘बिस्मल’ ‘राम’ ‘अज्ञात’ के नाम से लिखीं। इनमें से ज्यादातर साहित्य तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत द्वारा जब्त कर लिया गया।
बिस्मल को तत्कालीन संयुक्त प्रांत आगरा व अवध की लखनऊ सेंट्रल जेल की 11 नंबर बैरक में रखा गया, जिसमें उनके दल के अन्य साथियों को भी रखा गया था। इन सभी पर ब्रिटिश राज के ख़िलाफ़ राजिश रचने का एतिहासिक मुकदमा चलाया गया। 19 दिसंबर 1927 को सुबह छह बजकर 30 मिनट पर गोरखपुर की जिला जेल में उन्हें फांसी दे दी गयी। उनके पार्थिव शरीर को तकरीबन डेढ़ लाख लोगों के जुलूस ने पूरे शहर में घुमाया और राप्ती नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया।
इस घटना से आहत भगत सिंह ने जनवरी 1928 के पंजाबी मासिक ‘किरती’ में ‘विद्रोही’ छद्मनाम से लेख लिया-‘फांसी के तख्ते पर खड़े होकर आपने कहा- I Wish the downfall of British Empire !’
रामप्रसाद बिस्मल ने फांसी से पूर्व एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने अन्य बातों के सिवा लिखा- ‘मैं सुखी हूं। 19 तारीख को प्रातः जो होना है उसके लिए तैयार हूं। परमात्मा मुझे काफी शक्ति देंगे। मेरा विश्वास है कि मैं लोगों की सेवा के लिए फिर जल्द ही इस देश में जन्म लूंगा। मेरी ओर से पंडित जगतनारायण (सरकारी वकील, जिन्होंने बिस्मिल को फांसी दिलवाने के लिए जोर लगाया था।) को अंतिम नमस्कार कह देना। उन्हें हमारे खून से लथपथ रुपये के बिस्तर पर चैन की नींद आए, बुढ़ापे में ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे।’
अन्य अहम घटनाएंः1776ः अमेरिका की स्वतंत्रता का घोषणापत्र तैयार करने के लिए समिति बनायी गयी।
1866ः इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थापना हुई। इससे पहले आगरा उच्च न्यायालय के नाम से जाना जाता था।
1921ः ब्राजील में महिलाओं को चुनाव में मतदान का अधिकार मिला।
1935ः एडविन आर्मस्ट्रांग ने पहली बार एफएम का प्रसारण किया।
1940ः इटली ने मित्र देशों के खिलाफ लड़ाई की घोषणा की।
1955ः पहले मैग्निशियम जेट हवाई जहाज ने उड़ान भरी।
1987ः 160 वर्षों में पहली बार मार्गरेट थैयर लगातार तीसरी बार ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनीं।

Leave a Reply

spot_img

Hot Topics

Related Articles

Don`t copy text!