
Deoghar: देवघर में मेयर पद के चुनाव की जीत को लेकर अपनी एड़ी-चोटी एक करने वाले उम्मीदवारों के बीच का मुकाबला अब और दिलचस्प होता जा रहा है। मजे की बात ये है कि प्रत्याशी खुद को राजनैतिक दल का हितैषी बता जनता के रुख को खुद की ओर मोड़ना चाह रहे। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है।

प्रत्याशी और उनके समर्थक एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप तक लगाने से नहीं चूक रहे। दरअसल, भले ही राज्य में निकाय चुनाव बगैर दलीय हो रहा हो लेकिन राजनैतिक पार्टियां अपने उम्मीदवारों को समर्थन दे रही हैं। देवघर निगम चुनाव भी इससे अछूता नहीं है। भाजपा ने देवघर में प्रत्याशी रीता चौरसिया को समर्थन दिया है। जबकि जेएमएम समर्थन को लेकर प्रत्याशियों में गजब की होड़ दिख रही।

जिला जेएमएम की ओर से मेयर प्रत्याशी रवि राउत को समर्थन देने की बात कही गयी है। वहीं, एक दूसरे उम्मीदवार सूरज झा द्वारा इसे दुष्प्रचार और दिग्भ्रमित करने वाली बात कही गयी है। खुद को जेएमएम के कार्यकर्त्ता बताते हुए सुरझ झा ने मीडिया को सम्बोधित कते हुए साफ़ कहा कि हमारी पार्टी की सेंट्रल कमिटी द्वारा ऐसा कोई लेटर नहीं जारी किया गया है जिसमें रवि राउत को समर्थन देने का जिक्र हो। हम निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
इस बीच एक और प्रत्याशी डॉ . गौरव सिंह ने खुद को जेएमएम के तीन सुप्रीम नेताओं को अपना आदर्श बताया है। जिसमें पद्म विभूषण दिशोम गुरु बाबा शिबू सोरेन, दिवंगत पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी और सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जिक्र है।
अब, देखना ये दिलचस्प होगा कि जेएमएम समर्थक जनता किसकी बातों पर यकीन करती है। जनता वोट का रुख दलीय आधार पर बांटेगी या व्यक्तिगत उपलब्धियां जीत पर मुहर लगाती है।


