
Deoghar Court News : भूमि विवाद से उपजे हिंसक संघर्ष एवं बम विस्फोट के मामले में देवघर के अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय–सह–पॉक्सो मामलों के विशेष न्यायाधीश आर. के. सिन्हा की अदालत ने पाँच अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है।

मामला सत्रवाद संख्या 247/2022 से संबंधित है, जिसमें अभियुक्त मुन्ना यादव, शक्ति यादव, नीलमणि यादव, सीताराम यादव एवं हीरामन यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के अंतर्गत दोषी पाया गया।

अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा पाँच-पाँच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त, अभियुक्तों को विस्फोटक अधिनियम की धारा 3(ए) के तहत भी दोषी ठहराया गया और दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास के साथ पाँच-पाँच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने की स्थिति में दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी। यह घटना 20 सितंबर 2020 की है। इसके अगले दिन मोहनपुर थाना कांड संख्या 175/2020 के रूप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अनुसंधान पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में समर्पित किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाहों के परीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण के पश्चात न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए यह निर्णय सुनाया।
अभियुक्तों पर आरोप था कि उन्होंने भूमि विवाद के दौरान मारपीट की तथा बम फेंककर जानलेवा हमला किया। बताया गया कि घटना स्थल पर बम विस्फोट के समय शक्ति यादव और मुन्ना यादव ने एक-एक बम फेंका, जो समीप ही जाकर गिरा।
मामले में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार सिंह ने किया, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्रवण कुमार यादव ने पक्ष रखा।


