
New Delhi: सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (BJP MP Nishikant Dubey) द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोप के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।

दोपहर 2 बजे लोकसभा की कार्यवाही तीसरी बार शुरू होने पर लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने पॉइंट ऑफ आर्डर का मसला उठाते हुए नियम 353 के तहत मुद्दा उठाने की कोशिश की।
लेकिन, पीठासीन सभापति किरीट प्रेमजी भाई सोलंकी ने उनकी बात काटते हुए सदन में हंगामे के बीच डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण विधेयक, 2023 पर चर्चा शुरू करवा दिया।
विपक्षी दलों के हंगामे और वेल में लगातार नारेबाजी के बीच सदन ने चर्चा के बाद डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण विधेयक, 2023 पारित कर दिया।
हालांकि, हंगामे के बीच बिल पास करवाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए बीजद सांसद भर्तृहरि महताब ने संसद की व्यवस्था से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
बिल के पारित होने के बाद अधीर रंजन चौधरी ने पॉइंट ऑफ आर्डर का मसला उठाते हुए नियम 353 के तहत एक बार फिर यह मुद्दा उठाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा और नियमों के खिलाफ जाकर उनके नेता राहुल गांधी के खिलाफ बेबुनियाद तथ्यों के आधार पर आरोप लगाए गए हैं।
लेकिन, पीठासीन सभापति ने इसे अप्रस्तुत बताते हुए सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ा दिया। इसके बाद अधीर रंजन चौधरी और पीठासीन सभापति किरीट प्रेमजी भाई सोलंकी के बीच तीखी बहस हुई। चौधरी रूल बुक लेकर वेल में जाकर पीठासीन सभापति से उन्हें बोलने देने की बात कहते रहे।
लेकिन, उन्होंने चौधरी को मौका नहीं दिया। इसके बाद सदन में नहीं बोलने देने का आरोप लगाते हुए अधीर रंजन चौधरी सहित कांग्रेस सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
एनसीपी, सपा और टीएमसी सहित कई अन्य दलों के सांसद भी कांग्रेस का साथ देते हुए सदन से वॉक आउट कर गए। (IANS)


