
New Delhi: विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने गुरुवार को कहा कि विदेश मंत्रालय (MEA) पर संसदीय सलाहकार समिति (parliamentary advisory committee) के सभी सदस्यों ने यूक्रेन (Ukraine) से सभी भारतीयों को वापस लाने के सरकार के प्रयासों के लिए एक मजबूत और सर्वसम्मति से समर्थन दिया है। बैठक के पूरा होने के तुरंत बाद, उन्होंने कहा, “यूक्रेन के घटनाक्रम पर विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक अभी पूरी हुई। मुद्दे के रणनीतिक और मानवीय पहलुओं पर अच्छी चर्चा हुई। यूक्रेन से सभी भारतीयों को वापस लाने के प्रयासों के समर्थन का यह मजबूत और सर्वसम्मत संदेश है।”

सूत्रों के अनुसार, संसदीय समिति के सदस्यों को जयशंकर और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने युद्धग्रस्त यूक्रेन से फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदमों से अवगत कराया।

मंत्री ने सदस्यों को यह भी बताया कि प्रारंभिक परामर्श जारी होने के बाद से लगभग 17,000 भारतीय नागरिक यूक्रेन छोड़ चुके हैं। इसमें कुछ ऐसे भारतीय शामिल हैं जिन्होंने पहले कीव में भारतीय दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया था। इसके अलावा ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ानें बढ़ा दी गई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान, ‘ऑपरेशन गंगा’ के तहत छह उड़ानें भारत में उतरी हैं, जिससे कुल उड़ानों की संख्या 15 हो गई है। इनमें से आठ उड़ानें बुखारेस्ट से, पांच बुडापेस्ट से और दो पोलैंड के रेजजो से आईं हैं।
विदेश सचिव श्रृंगला ने सदस्यों को बताया कि भारतीय वायु सेना के परिवहन विमान ऑपरेशन गंगा में शामिल हो गए हैं और सुबह तक सभी चार विमान बुडापेस्ट, रेजजो और बुखारेस्ट से दिल्ली लौट आए, जिसमें लगभग 800 भारतीय नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का विमान अगले 24 घंटों में और भारतीयों को लेकर आएगा।
बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद शशि थरूर भी शामिल हुए। उन्होंने युद्धग्रस्त देश से भारतीयों को निकालने के सरकार के प्रयासों का समर्थन किया।
ट्विटर पर लेते हुए, थरूर ने कहा, “छह राजनीतिक दलों के नौ सांसदों ने भाग लिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आनंद शर्मा और मैं (थरूर) इसमें मौजूद रहे। एक सौहार्दपूर्ण माहौल में खुली चर्चा हुई और यह एक रिमाइंडर (अनुस्मारक) है कि जब राष्ट्रीय हितों की बात आती है तो सबसे पहले हम सभी भारतीय हैं।”
थरूर ने कहा कि बैठक में शामिल सांसदों ने विदेश मंत्रालय से ही बयान जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने लिखा, “मैंने मीडिया के आग्रह पर कोई टिप्पणी नहीं की क्योंकि यह गुप्त बैठक थी। हालांकि, हमने विदेश मंत्रालय से रटा-रटाया नहीं, विस्तृत बयान जारी करने की अपील की है। मीटिंग बेहद रचनात्मक भावना से संचालित हुई और सभी दलों ने हमारे नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के मुद्दे पर एकजुटता का इजहार किया।”
बैठक में भाग लेने के बाद शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने कहा, “माननीय मंत्री डॉ. जयशंकर की अध्यक्षता में सलाहकार समिति की बैठक में भाग लिया। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला जी ने हमें यूक्रेन की स्थिति और भारत सरकार द्वारा किए गए निकासी प्रयासों के बारे में जानकारी दी। ब्रीफिंग के लिए उन्हें धन्यवाद। हम सभी हमारे छात्रों को घर वापस लाने के प्रयासों को लेकर एकजुट हैं।”
21 सदस्यीय समिति की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की।(IANS)
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