
नई दिल्ली: पोखरण से गिरफ्तार आईएसआई (ISI) जासूस हबीबुर्रहमान उर्फ़ हबीब खान का सेना से भी लिंक मिला है जिसके बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस ने आगरा में कई लोगों को जांच के रडार पर लिया है। केन्द्रीय जांच एजेंसियों से पूछताछ में हबीब खान ने कबूला है कि उसके पास से बरामद दस्तावेज उसने आगरा में तैनात सेना के जवान परमजीत से लिये थे और आगे कमल नाम के एक शख्स को सौंपने थे। इस पर सैन्य खुफिया ने सेना के जवान परमजीत को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू की है।

पोखरण से हबीबुर्रहमान की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उसके पास से सेना के बेहद सीक्रेट कई दस्तावेज और आर्मी एरिया का मैप भी बरामद किया है। केन्द्रीय जांच एजेंसियों को शक था कि उसे ये गोपनीय दस्तावेज और मैप कोई और नहीं बल्कि सेना के जवान मुहैया कराते थे। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूला है कि बरामद दस्तावेज उसने आगरा में तैनात सेना के जवान परमजीत से लिये थे और आगे कमल नाम के एक शख्स को सौंपने थे। इस पर दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी मिलिट्री इंटेलिजेंस के साथ साझा की है।

मिलिट्री इंटेलिजेंस ने आगरा में तैनात सेना के जवान परमजीत को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अगर जरूरत पड़ी तो जल्द ही मिलिट्री इंटेलिजेंस परमजीत को दिल्ली पुलिस के हवाले कर देगी ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ के आधार पर आईएसआई के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है जिसके बाद उसे ध्वस्त करने में आसानी होगी।
आईएसआई के स्लीपर सेल का खुलासा करने के लिए मिलिट्री इंटेलिजेंस और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया है। दिल्ली पुलिस ने हबीबुर्रहमान पर ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत केस दर्ज भी कर लिया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हबीबुर्रहमान कई बार पाकिस्तान भी जा चुका है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम बीकानेर निवासी हबीब खान को राजस्थान के पोखरण से पकड़कर मंगलवार रात को दिल्ली लेकर आई है जहां उससे केंद्रीय एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं। हबीब खान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को कई गोपनीय जानकारियां लीक कर रहा था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच का मानना है कि हबीब खान की गिरफ्तारी से एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। गिरफ्तार आईएसआई एजेंट ने कई खुलासे भी किए हैं। हबीब खान सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहता था। उसके पास पिछले कई साल से पोखरण के सैन्य क्षेत्र में सब्जी की आपूर्ति करने का ठेका था। साथ ही पोखरण क्षेत्र की इंदिरा रसोई में भी सब्जी की सप्लाई करता था।


