
नई दिल्ली: कोरोना महांमारी के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट और हमले की घटनाओं को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने शनिवार को राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को निर्देश दिया है कि वह डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएं और हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं।

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में निर्देश दिया है कि स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए और ऐसे मामलों की जांच जांच तेजी से की जानी चाहिए। राज्य आवश्यकतानुसार महामारी रोग (संशोधन)-2020 कानून का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

भल्ला ने पत्र में आगे कहा है कि सोशल मीडिया में किसी भी आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ी नजर रखी जाए जो ऐसी स्थितियों को बढ़ा सकती है। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किए जा रहे बहुमूल्य योगदान को प्रचारित प्रसारित करने के लिए अस्पतालों, सोशल मीडिया आदि में पोस्टर के माध्यम से ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
केंद्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिवों और प्रशासकों से कहा कि वह डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों के मामलों को गंभीरता से लें और कार्रवाई करें ताकि उनके मन में सुरक्षा का भाव रहे। गृह मंत्रालय ने इस बाबत 09 जून और 27 अप्रैल को भी राज्यों को पत्र लिख स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए थे।


