

नई दिल्ली।

केन्द्र सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों, ओटीटी प्लेटफार्म, इंटरनेट आधारित बिजनेस और डिजिटल न्यूज के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। गुरुवार को केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत में बिजनेस करने के लिए सभी सोशल मीडिया कंपनियों का स्वागत है, लेकिन सोशल मीडिया के दुरुपयोग रोकने के लिए उनकी जवाबदेही तय होना भी जरूरी है।

भारत में सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप पर करीब 113.5 करोड़ यूजर हैं, वहीं, ओटीटी प्लेटफार्म्स पर भी 29-30 करोड़ यूजर्स हैं, जबकि डिजिटल मीडिया या इंजनेट में करीब 700 मिलियन यूजर हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए एक नई और सख्त गाइड लाइंस आज जारी की है। अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वॉट्सएप आदि को सरकार के बनाए नियमों का पालन करना होगा। सोशल मीडिया के लिए बनाए गए नियम अगले 3 महीने में लागू किए जाएंगे और OTT और डिजिटल न्यूज के लिए कानून उसी दिन प्रभाव में आ जाएंगे, जिस दिन सरकार इनके लिए नोटिफिकेशन जारी करेगी।
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नए नियमों व दिशा- निर्देशों के तहत सोशल मीडिया कंपनी जैसे- फेसबुक और ट्विटर को विवादित कंटेंट किसी सरकारी या कानूनी आदेश मिलने के बाद अपने प्लेटफॉर्म से 24 घंटे में हटाना होगा। नए मसौदे के मुताबिक, किसी विवादित कंटेंट को लेकर अगर शिकायत दर्ज होती है, तो संबंधित जांच अधिकारियों के सहयोग के लिए इन कंपनियों को 72 घंटों के भीतर सभी जरूरी जानकारी देनी होगी और 15 दिनों के अंदर उसका हल निकालना होगा। नए दिशा-निर्देश के अनुसार सभी सोशल मीडिया को अपनी जानकारी साझा करनी होगी।
शिकायत निपटारे के लिए तीन अधिकारी करने होंगे नियुक्त
इसके साथ शिकायतों के निपटारे के लिए तीन अधिकारी नियुक्त करने होंगे। नए नियम जारी होने के तीन महीने के भीतर सोशल मीडिया कंपनियों को एक मुख्य अनुपालन अधिकारी, कानूनों के पालन को लेकर एक कार्यकारी अधिकारी और एक शिकायत निवारण अधिकारी को नियुक्त करना अनिवार्य होगा। ये सभी अधिकारी भारत के नागरिक होने चाहिए। नियमों के मुताबिक अफवाह फैलाने वाले या खुराफात शुरू करने वालों की जानकारी सरकार से साझा करनी होगी।
ओटीटी प्लेटफार्म को कार्यक्रमों की बनानी होगी कैटेगरी
केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लैटफार्म को भी स्वयं के लिए रेगुलेशन तैयार करना होगा जिससे बच्चों को अश्लील सामग्री से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि कौन से प्रोग्राम 13 साल से कम उम्र के बच्चे देखेंगे, इस बारे में अभिभावकों को पूरे अधिकार होने चाहिए। इसी के साथ 16 साल के ऊपर और व्यस्कों के लिए कैटेगरी बनानी होगी। ऐसा सिस्टम तैयार होना चाहिए जिससे व्यस्कों के कार्यक्रमों को बच्चों के लिए लॉक किया जा सके।
उन्होंने बताया कि सेल्फ रेगुलेशन के नियम तैयार करने के लिए दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में बैठकें की गई हैं। सोशल मीडिया से विचार विमर्श के बाद केन्द्र सरकार ने स्व नियामक नियमों के लिए मसौदा तैयार कर लिया है और अब इसे सोशल मीडिया को लागू करना है। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया से संबंधित शिकायतों के लिए प्रेस काउंसिल है, टीवी के लिए प्रोग्राम कोड है लेकिन सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। इसलिए इस मसौदे को आज जारी किया गया है।

केंद्र सरकार की गाइंडलाइंस की अहम बातों को 10 प्वाइंट में समझें
1. देश में सोशल मीडिया के करोड़ों यूजर्स करोड़ों को शिकायत के लिए एक फोरम बनेगा।
2. सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर यूजर्स को अपनी शिकायत का निपटरा इस फोरम के जरिए करवा सकेंगे।
3.यदि कोर्ट या सरकारी किसी आपत्तिजनक, शरारती ट्वीट या मैसेज के फर्स्ट ओरिजिनेटर की जानकारी मांगती है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ये जानकारी उपलब्ध कराना होगी यानि अब किसी के खिलाफ आपत्तिजनक, शरारती ट्वीट करना आसान नहीं होगा।
4. प्लेटफॉर्म को शिकायतों के निपटारे के लिए मैकेनिज्म बनाना होगा, जिसके लिए कंपनियों को एक अधिकारी नियुक्त करना होगा और इसका नाम भी बताना होगा यानि अब यूजर्स की शिकायतों पर कार्रवाई हो सकेगी और उसके सम्मान का खयाल रखा जा सकेगा।
5.संबंधित अधिकारी 24 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज करनी होगी और इसका निपटारा 15 दिन के भीतर करना होगा।
6. महिलाओं में यदि किसी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करता है, तो शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कंटेंट हटाना होगा, यानि अपत्तिजनक पोस्ट या फोटो इस माध्यम में उपलब्ध नहीं रहेगी, ताकि महिला के सम्मान की भावना सुरक्षित रखा जा सकेगा।
7. यदि अगर किसी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाना है तो उसे ऐसा करने की सही वजह बतानी होगी. यानि सिर्फ किसी की शिकायत पर आपका कंटेंट हटाया नहीं जा सकेगा, जब तक वह मानदंडों पर खरा नहीं उतरता है।
8. कंपनियों को हर महीने रिपोर्ट में बताना होगा कि कितनी शिकायत आई और उन पर क्या कार्रवाई की गई।
9. अगर किसी सोशल मीडिया यूजर के कंटेंट को हटाना है तो उसे ऐसा करने की वजह बतानी होगी औन उनका पक्ष भी जानना होगा।
10. OTT और डिजिटल न्यूज के लिए गाइडलाइन:-
► OTT और डिजिटल न्यूज के लिए 3 चरणों का मैकेनिज्म होगा।
► OTT और डिजिटल न्यूज के लिए रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं है, लेकिन इन सभी को अपनी जानकारियां देनी होंगी।
► शिकायतों के निपटारे के लिए सिस्टम बनाया जाएगा इन्हें सेल्फ रेगुलेशन बॉडी बनानी होगी।
► रेगुलेशन बॉडी को सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज या फिर इसी कद का कोई व्यक्ति लीड करेगा।
►कार्रवाई की जरूरत के मुताबिक, सरकार के स्तर पर एक व्यवस्था बनाई जाएगी, जो इस तरह के मामलों को देख सके.
► फिल्मों की तरह ही OTT प्लेटफॉर्म को भी प्रोग्राम कोड फॉलो करना होगा।
► कंटेंट के बारे में उम्र के लिहाज से क्लासिफिकेशन करना होगा यानी कौन सा कंटेंट किस एज ग्रुप के लिए उचित है.
► OTT प्लेटफॉर्म के कंटेट को 13+, 16+ और A कैटेगरी में बांटा जाएगा।
► पैरेंटल लॉक की व्यवस्था होगी, अभिभावक अपने बच्चे के लिए ऐसे कंटेंट को ब्लॉक कर सकेंगे, जो ठीक नहीं है।




