शिमला।

आज देश को दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग की सौगात मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 'अटल टनल' का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी शनिवार सुबह चंडीगढ़ इसके बाद मनाली एयरपोर्ट पहुंचे। हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में पीएम मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे मौजूद हैं।

पीएम मोदी ने 'अटल टनल' राष्ट्र को समर्पित की।
9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग है
अटल सुरंग मनाली और लेह के बीच की दूरी को 46 किलोमीटर तक कम करती है और यात्रा के समय को भी चार से पांच घंटे कम कर देती है। यह 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग है, जो कि मनाली को पूरे साल लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे पहले घाटी हर साल लगभग छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण अन्य हिस्सों से कट जाती थी।
26 मई 2002 को इसकी आधारशिला रखी गई थी
इस टनल को बनाने का ऐतिहासिक फैसला 3 जून 2000 को लिया गया था, जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। 26 मई 2002 को इसकी आधारशिला रखी गई। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर 2019 को इस टनल का नाम दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का फैसला किया।
टनल के भीतर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार तय
सुरंग को समुद्र तल से 3,000 मीटर (10,000 फीट) की ऊंचाई पर हिमालय की पीर पंजाल श्रेणी में आधुनिक तकनीक के साथ बनाया गया है। इस टनल में हर रोज तीन हजार कार और डेढ़ हजार ट्रक गुजर सकेंगे। टनल के भीतर 80 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार तय की गई है। टनल के भीतर सेमी ट्रांसवर्स वेंटिलेशन सिस्टम होगा। यहां किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तमाम व्यवस्था भी की गई है। टनल के भीतर सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है। दोनों ओर एंट्री बैरियर रहेंगे। हर डेढ़ सौ मीटर पर आपात स्थिति में संपर्क करने की व्यवस्था होगी। हर 60 मीटर पर आग बुझाने का संयंत्र होगा। इसके अलावा हर ढाई सौ मीटर पर दुर्घटना का स्वयं पता लगाने के लिए सीसीटीवी का इंतजाम भी किया गया हैं। यहां हर एक किलोमीटर पर हवा की क्वालिटी जांचने का भी इंतजाम है।



