नई दिल्ली।

देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में बहुत से वैज्ञानिक दिन-रात कर इस महामारी के खिलाफ एक अदद वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि भारत में पहला टीका सबसे अधिक संभावना 2021 की शुरुआत में उपलब्ध होगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि भारत कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काफी तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश में कम से कम तीन ऐसे वैक्सीन हैं जो अभी क्लीनिकल ट्रायल के स्टेज में हैं। इनमें से एक ट्रायल के अंतिम चरण में हैं।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, मुझे उम्मीद है कि साल 2021 के पहली तिमाही यानी मार्च से पहले भारत में बनाई गई वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अभी कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए जारी गाइललाइंस का पालन करने का अनुरोध किया।
भारत में जो तीन कोरोना वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के स्टेज में हैं, उनमें भारत बायोटेक-आईसीएमआर की कोवैक्सिन (COVAXIN), जायडस कैडिला की जाइकोव-डी (ZyKov-D) और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड (Covishield) शामिल है, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर तैयार कर रही है। Covishield अपने परीक्षण के तीसरे चरण में है और एस्ट्राजेनेका इसकी करोड़ों खुराक का उत्पादन करने में जुटी है।
कोरोना वैक्सीन पोर्टल लॉन्च
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 की वैक्सीन से जुड़ी जानकारी देने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन से जुड़ी सारी जानकारियां उपलब्ध होंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने आईसीएमआर के इस पोर्टल का सोमवार को उद्धाटन किया। डॉ हर्षवर्धन ने बताया कि इस पोर्टल पर जाकर भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन के बारे में हो रहे सभी रिसर्च एंड डेवलपमेंट से संबंधित जानकारियों को देखा जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 82,170 नए कोरोना वायरस मामलों के साथ भारत में कोविड-19 संक्रमित लोगों की तादाद 60 लाख का आंकड़ा पार कर गया।



