
Patna : बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में सीट बंटवारे को लेकर तस्वीर साफ हो गई। इस चुनाव में जदयू और भाजपा में से कोई बड़ा भाई नहीं होगा, बल्कि दोनों पार्टियां 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।

दिल्ली और पटना में सीट बंटवारे को लेकर कई बैठकों का दौर चला, इसके बाद सीट शेयरिंग पर मुहर लगी।

एनडीए सीट शेयरिंग के अनुसार, भाजपा और जदयू 101-101 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी, जबकि सहयोगी दल लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें और आरएलएम एवं हम को 6-6 सीटें मिली हैं।
भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी घोषणा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “एनडीए के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया है। जदयू 101, भाजपा 101, लोजपा (रामविलास) 29, राष्ट्रीय लोक मोर्चा छह और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा छह।”
उन्होंने आगे लिखा, “एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता साथी इसका हर्ष के साथ स्वागत करते हैं और नीतीश कुमार को प्रचंड बहुमत के साथ फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित एवं एकजुट हैं। बिहार है तैयार, फिर से एनडीए सरकार।”
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर इस जानकारी को शेयर किया है।
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।
महागठबंधन एनडीए का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता से बेदखल करने की कोशिश कर रहा है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, लोजपा (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए में शामिल हैं। हालांकि, बिहार की चुनावी जंग में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोक दिया है। (IANS)


