
Gaya: बिहार के गया में मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। होमगार्ड बहाली में आई एक महिला अभ्यर्थी के साथ एंबुलेंस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। ड्राइवर और टेक्नीशियन ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वारदात 24 जुलाई (गुरुवार) की है। इसका खुलासा शुक्रवार देर रात हुआ है। लड़की बीएमपी-3 के मैदान में होमगार्ड भर्ती के लिए पहुंची थी। दौड़ते समय बेहोश होकर गिर गई।

मौके पर मौजूद एंबुलेंस से उसे अस्पताल भेजा गया। एंबुलेंस में एक भी महिला स्टाफ को नहीं भेजा। रास्ते में ड्राइवर और टेक्नीशियन की नीयत बिगड़ गई। पहले चलती एंबुलेंस में टेक्नीशियन ने रेप किया, फिर गाड़ी सुनसान जगह पर रोककर ड्राइवर ने दरिंदगी की।
पीड़ित ने अस्पताल पहुंचकर महिला डॉक्टर को पूरी कहानी बताई। जिसके बाद पुलिस ने एक्शन में लिया।
लड़की ने पुलिस को बताया कि, ‘फिजिकल टेस्ट के दौरान मैं चक्कर खाकर गिर गई थी। थोड़ी देर मुझे वहीं बैठाया गया। ग्राउंड में मौजूद एंबुलेंस बुलाई गई। एंबुलेंस के ड्राइवर और टेक्नीशियन ने मुझे अंदर बैठाया।’
सूत्रों के मुताबिक, भर्ती ग्राउंड से मुख्य मार्ग डोभी-पटना पर एम्बुलेंस पहुंची। तो एंबुलेंस स्टाफ ने गाड़ी रोककर एडमिट कार्ड गले से निकाल लिया। BMP-3 के गेट पर खड़े लोगों से पूछताछ की कि क्या इस पीड़ित का कोई जानने वाला है। लेकिन जब कोई परिचित नहीं मिला, तो एम्बुलेंस अस्पताल के लिए रवाना हो गई।
रास्ते में टेक्नीशियन ने बेहोश युवती के साथ इलाज के बहाने गलत हरकत शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, पीड़ित ने बताया है कि टेक्नीशियन ने उसके चेहरे पर कोई स्प्रे मारा, जिससे वह पूरी तरह बेहोश हो गई।
हालांकि पीड़िता का यह भी कहना है कि उसे थोड़ी बहुत आवाजें सुनाई दे रही थी। इसी दौरान चलती एंबुलेंस में टेक्नीशियन ने दुष्कर्म किया।
घटना के दौरान पीड़िता बेहोश रही। पीड़ित का कहना है कि बेहोशी की हालत में उसके शरीर के साथ क्या हो रहा था, इसका उसे तनिक भी एहसास नहीं था।
सिकरिया मोड़ पर दुष्कर्म के बाद दोनों आरोपियों ने पीड़ित को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक इलाज के दौरान जब युवती को होश आया, तो उसे महसूस हुआ कि उसके साथ गलत हुआ है।
बता दें कि, बीएमपी-3 मैदान से मगध मेडिकल अस्पताल तक का सफर महज 20 मिनट का है, लेकिन इसी 20 मिनट के भीतर एंबुलेंस में ड्राइवर और टेक्नीशियन ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दे दिया।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की गई। सिटी एसपी रामानंद कुमार कौशल ने बताया कि जैसे ही आरोप सामने आया, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया है और पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है।
एसपी ने कहा कि पूरी घटना की गहन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और एंबुलेंस में मौजूद अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। अगर इस वारदात में और कोई आरोपी शामिल पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
एंबुलेंस ड्राइवर की पहचान गया जिले के उतरेन निवासी विनय कुमार के तौर पर हुई है। टेक्नीशियन अजीत कुमार नालंदा के चांदपुर गांव का रहने वाला है। बोधगया थाना पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


