
Patna: मंगलवार को “विश्वविद्यालय अंगीभूत इकाई शिक्षा-शास्त्र विभाग शिक्षक संघ (U.C.U.D.E.T.A) बिहार के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रूपेश कुमार झा के नेतृत्व में संगठन का एक शिष्टमंडल कुलाधिपति सह राज्यपाल बिहार राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात किया। शिष्टमंडल में संगठन के प्रदेश महासचिव डॉ. गौतम, प्रदेश सचिव डॉ. नीता, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. रीता सिंह एवं प्राध्यापिका अमृता कुमारी थी।

कुलाधिपति सह राज्यपाल को प्रदेश अध्यक्ष डॉ.रूपेश कुमार झा ने शिक्षा-शास्त्र विभाग (B.Ed) जो अंगीभूत महाविद्यालय में चल रहा है,के समस्याओं से अवगत कराया एवं वेतन विसंगतियों को दूर करने का आग्रह किया। साथ ही महामहिम से आग्रह किया कि पूरे राज्य के 28 अंगीभूत महाविद्यालय है उनमें कम-से-कम सभी प्राध्यापकों का वेतन जो उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा पारित न्यायदेश CWJC NO- 10534/2017 का निर्णय है। वह अविलंब लागू हो और पूरे प्रदेश के लिए शिक्षा-शास्त्र विभाग (B.Ed) के समस्या समाधान के लिए राज-भवन एवं उच्च शिक्षा विभाग बिहार सरकार के तत्वाधान में एक सेल का निर्माण हो तथा उसका मॉनिटरिंग राज भवन एवं उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश स्तर पर करे ।

शिक्षा-शास्त्र विभाग के प्राध्यापकों को सीनेट/ सिंडिकेट का सदस्य भी बनाया जाए ताकि वह अपनी बातों को विश्वविद्यालय स्तर पर मजबूती से रख सकें। साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर C.A.S की सुविधा एवं E.P.F की सुविधा दिलाई जाए।
प्रदेश महासचिव डॉ. गौतम ने महामहिम से प्रदेश में एक एजुकेशन का यूनिवर्सिटी हो, इसकी चर्चा की। जिससे शिक्षा संकाय से संबंधित सभी समस्याओं एवं कार्य, नामांकन और नियुक्ति और परीक्षा संबंधित सभी कार्य केंद्रीयकृत तरीके से संपादित हो सके।
प्रदेश प्रवक्ता डॉ. रीता सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने आपको राज भवन एवं उच्च न्यायालय से भी ऊपर समझते हुए राजभवन द्वारा निर्गत पत्रों एवं निर्देशों को अनसुना कर मनमर्जी से बीएड विभाग को चला रहे हैं।
इन तमाम बातों को गंभीरता पूर्वक सुनते हुए महामहिम ने कहा कि बहुत जल्द इस पर ठोस कार्रवाई होगी एवं जो समस्याएं अभी तक शिक्षा-शास्त्र विभाग (B.Ed) की बनी हुई रही है वह अब नहीं रहेगा। बहुत जल्द इन चीजों पर सुधार नहीं बल्कि स्थाई रूप से तय समयसीमा के अंदर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए समाधान हेतु मैं कदम उठाने जा रहा हूं। उन्होंने संगठन के प्रतिनिधि मंडल को यह भी कहा कि समस्या को कितने अच्छे तरीके से समाप्त किया जाए इसमें आप लोगों का सहयोग और सुझाव अपेक्षित है।


