
Patna: मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शुक्रवार को गृह विभाग की कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन योजनाओं की कुल लागत 237.881 करोड़ रुपये है। इसमें 38 थाना भवन, सुपौल पुलिस लाइन, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान बिहटा समेत कुल 94 नवनिर्मित पुलिस भवन शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 149.96 करोड़ की लागत से बनने वाले 57 पुलिस भवनों का शिलान्यास किया।

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद सीएम नीतीश ने कार्यों को लेकर नाराजगी जाहिर की और अफसरों को खूब फटकार भी लगाई। दरअसल, अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद ने उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान करीब 15 थाना भवनों का निर्माण बचा होने की जानकारी दी। इस पर नीतीश कुमार भड़क गए। उन्होंने कहा कि ‘पेंडिंग बचे थाना भवन निर्माण को लेकर कई बार मैंने खुद सभी जिलों के डीएम और एसपी से बातचीत की लेकिन इसके बाद भी अगर भवनों का निर्माण पेंडिंग है तो इस बात की मुझे तकलीफ है।’

सीएम नीतीश ने कहा कि ‘पहले मुझे जानकारी मिली थी कि किसी जिले में भाड़े पर मकान लेकर थाना चल रहा है। हमने कई बार कहा कि जमीन चिन्हित कर वहां पर भवन बनाएं। यह काम गृह विभाग का है। मुझे तकलीफ है कि अभी भी 15 पुलिस थाना-ओपी को भूमि नहीं मिली है। यह काफी चिंता वाली बात है।’
सीएम नीतीश ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद से सवाल पूछा कि ‘जमीन चिन्हित क्यों नहीं हुआ? सब बात जानिए। आप सब बात बोल रहे थे कि ये हो रहा लेकिन काम क्यों नहीं हो रहा है? थानों के लिए जमीन क्यों नहीं मिल रहा है? ऐसे कार्यक्रम में विकास आयुक्त को क्यों नहीं रखा जाता है। वे पहले गृह विभाग का जिम्मा संभाल चुके हैं।’ उन्होंने विकास आयुक्त से भी सभी बचे कामों का खुद से जायजा लेकर उन्हें पूरा करवाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अब बहुत देरी हो रही है। अब काम पेंडिंग नहीं रहने चाहिए। जिन भी थाना भवनों का निर्माण बचा है, उसके लिए जल्द से जल्द जमीन चिन्हित कर वहां निर्माण कार्य शुरू करवाएं।
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार आधुनिक ढंग से थाना भवनों का निर्माण करा रही है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सहूलियत होगी। केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान बिहटा का उद्घाटन होने से पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित भी आसानी से किया जा सकेगा।



