
पटना: बिहार की सियासत में एक और बड़ा दिलचस्प मोड़ आ गया है. लोक जनशक्ति पार्टी के बागी गुट ने चिराग पासवान को पार्टी के अध्यक्ष के पद से हटा दिया है. बागी गुट ने एलजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजभान सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया है.


लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और बिहार के जमुई से सांसद चिराग पासवान अपनी ही पार्टी में अकेले पड़ गए हैं. चाचा पशुपति कुमार पारस और भाई प्रिंस राज की बगावत के बाद उनकी पार्टी के सभी सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया है. इस घटना के बाद पहली बार चिराग ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.
चिराग पासवान ने दी ये प्रतिक्रिया

चिराग पासवान ने ट्विटर पर लिखा, ”पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया लेकिन असफल रहा. पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए. लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है. पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं. एक पुराना पत्र साझा करता हूं.”
गौरतलब है कि लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के छह लोकसभा सदस्यों में से पांच ने, दल के मुखिया चिराग पासवान को संसद के निचले सदन में पार्टी के नेता के पद से हटाने के लिए हाथ मिला लिया और उनकी जगह उनके चाचा पशुपति कुमार पारस को इस पद के लिए चुन लिया.


