
नई दिल्ली: इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण गुरुवार को लगने जा रहा है और यह भारत में केवल लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में ही दिखाई देगा। नासा की ओर से जारी मैप के अनुसार यह सूर्य ग्रहण पूर्वी अमेरिका, उत्तरी अलास्का, कनाडा, कैरेबियन के कुछ हिस्सों, यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका में दिखाई देगा। सभी जगह यह भारतीय समय अनुसार पूर्वाह्न 11:42 बजे शुरू होगा। करीब 3.30 बजे यह मंडलाकार आकृति पर पहुंच जाएगा, जिसमें यह 4.52 बजे तक रहेगा। इसके बाद यह शाम 6.41 बजे तक चलेगा।

नासा सहित दुनिया की कई वेबसाइट इसका सीधा प्रसारण करेंगी। नासा के मुताबिक मंडलाकार सूर्यग्रहण 18 महीने में पृथ्वी पर कहीं ना कहीं दिखाई देता है। पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा के आ जाने से सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। हालांकि अपने ईलेप्टिकल ऑर्बिट के कारण हमेशा चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढक पाता। दूरी की वजह से पृथ्वी से सूर्य के सामने आये चंद्रमा के चारों तरफ एक प्रकाश की रेखा दिखाई देती है इसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है।

भारत में लद्दाख में सूर्य ग्रहण अल्प काल के लिए और ऊंचाई वाले क्षेत्र में दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण का बहुत ही छोटा हिस्सा दिबांग वन्य जीव अभ्यारण्य अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगा।


