
देहरादून: उत्तराखंड में तीन दिन से हो रही बारिश आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गंगा समेत अन्य नदी-नालों, गाड़-गधेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि गंगा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। उत्तरकाशी में रविवार रात बादल फटने से तीन लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई है।

टिहरी के घनसाली क्षेत्र के ग्राम मेड में बादल फटने की सूचना है। बारिश और भूस्खलन से गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ मार्ग सहित राज्य के 60 से ज्यादा संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने बारिश के लिहाज से अगले 24 घंटे कते लिए रेड अलर्ट जारी किया है। शासन ने जिलों के अधिकारियों और आपदा विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना को दुखद बताते हुए ईश्वर से अन्य सभी लोगों के कुशल होने की कामना की है।
टिहरी में बादल फटा

राज्य में शनिवार रात से बरसात हो रही है। पर्वतीय जनपदों उत्तरकाशी, टिहरी और मैदानी क्षेत्रों में विशेषकर देहरादून और हरिद्वार में रातभर बारिश हुई है। उत्तरकाशी में रविवार को तबाही मचाने के बाद सोमवार को बादलों ने टिहरी में कहर बरपाया है। टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र के भिलंगना ब्लॉक के मेड गांव में तड़के तेज आवाज के साथ अतिवृष्टि हुई है। घटना चार बजे की बताई जा रही है। घनसाली में 3-4 घरों में मलबा घुसा है। अभी तक जन और पशु हानि होने की सूचना नहीं है। एक व्यक्ति मामूली रूप से चोटिल हुआ है। राजस्व टीम पहुंच गई है।
उत्तरकाशी के मांडो गांव में दो महिला और एक बच्चे का शव बरामद किया गया है। इनकी पहचान माधरी (42) पत्नी देवानन्द, ग्राम मांडों, रीतू (38) पत्नी दीपक, ग्राम मांडों और कुमारी ईशू (6) पुत्री दीपक ग्राम मांडों के रूप में हुई है। लगभग आधा दर्जन से ज्यादा घर मलबे की चपेट में आए हैं। इनमें कई लोगों और वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। गनीमत यह रही कि गदेरे में पानी बढ़ते ही लोग अपने घरों को छोड़कर भाग गए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
लगातार हो रही बारिश
लगातार हो रही बारिश, दृश्यता कम होने के कारण रेस्क्यू टीम को खोज और बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निराकोट में गांव के दोनों और गदेरे का पानी आने के कारण ग्रामीण बीच मे फंस गए हैं। तहसीलदार भटवाड़ी और एनडीआरएफ ने मौके पर पहुंच कर बचाव अभियान शुरू किया है। निराकोट और पनवाड़ी में भी मलबा आने से खासा नुकसान पहुंचा है। मलबे में कितने लोग दबे हैं, संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है इसका ब्योरा नहीं मिल पाया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मांडों गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। खतरे की जद में आये आवसीय भवनों को खाली करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात आठ बजे के बाद करीब पानी के तेज प्रवाह के साथ मलबा उनके घरों तक पहुंचा। मांडो के कई घरों में खासा नुकसान होने की बात कही जा रही है। सोमवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरा करने के लिए चिन्यालीसौड़ से उत्तरकाशी जा रहे हैं जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण धारासू में सड़क मार्ग बंद होने से फंसे हुए हैं।
देहरादून शहर में घंटाघर, प्रिंस चौक, दर्शनलाल चौक, बुद्धा चौक, ऐश्ले हाल चौक समेत तमाम प्रमुख चौराहे तरणताल बन गए है। यमुना कालोनी, खुड़बुड़ा, चुक्खूवाला, धर्मपुर, डोभालवाला, बंजारावाला, चमनपुरी, ब्राह्मणवाला, मोरोवाला, कारगी आदि क्षेत्रों में कई इलाकों में पानी घरों में भी घुस गया। देहरादून में भूस्खलन से कुछ भवन आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त भी हुए हैं। इसके अलावा हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में बरसाती नदियों का जलस्तर बढने से ग्रामीण दहशत में हैं।
देहरादून में बीते 24 घंटे में 10 वर्षाें में जुलाई के महीने में एक दिन में सबसे ज्यादा बारिश 132 मि.मी. दर्ज की गई है। 2011 में एक दिन में 119 मि.मी. बारिश हुई थी। राज्य में भारी बारिश की चेतावनी पर एसडीआरएफ की उप महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में 28 टीमों को अलर्ट रखा गया है।
SDRF अलर्ट
कई जिलों में एसडीआरएफ की टीम को अलर्ट किया गया है। यह जिले हैं- देहरादून-सहस्त्रधारा, चकराता,टिहरी- ढालवाला (ऋषिकेश),टिहरी डैम,ब्यासी(कौड़ियाला)उत्तरकाशी- उजेली, भटवाड़ी, गंगोत्री, बड़कोट, जानकीचट्टी/यमुनोत्री।पौड़ी गढ़वाल-श्रीनगर, कोटद्वार, सतपुली।चमोली-गौचर, जोशीमठ, पांडुकेश्वर, बद्रीनाथ। रुद्रप्रयाग-रतूड़ा, सोनप्रयाग,लिनचोली, श्रीकेदारनाथ। पिथौरागढ़-पिथौरागढ़,अस्कोट। बागेश्वर-कपकोट। नैनीताल-नैनी झील, खैरना। अल्मोड़ा-सरियापानी। उधम सिंहनगर-रुद्रपुर।
अगले 24 घंटे भारी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे भारी पड़ सकते हैं। देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और नैनीताल जनपदों में भारी बारिश को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी जिलों में कहीं कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। 20 जुलाई को नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ जिलों में कहीं -कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। प्रदेश में 21 और 22 जुलाई को भी हल्की से मध्यम बारिश व कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राज्य में आज रेड अलर्ट के साथ मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट के साथ अगले 22 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना, तीव्र बौछार, पहाड़ों में कोहरा, मैदानों में धुंध जैसा वातावरण रहेगा।पहाड़ों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान खिसकने, राजमार्ग अवरुद्ध रहने, नदी नालों में अतिप्रवाह व निचले इलाकों में जल भराव की संभावना है। राज्य में फिलहाल मौसम में परिवर्तन नहीं दिख रहा है।


