Ayodhya: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने बुधवार को अयोध्या (Ayodhya) श्रीराम जन्मभूमि स्थान पर पहुंचकर पूज्य संतों की उपस्थिति में श्रीराममंदिर (Shri Ram Mandir) के गर्भगृह की आधारशिला रखी। इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास,ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरि जी महाराज,ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और विहिप के संरक्षक दिनेश उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक पुस्तिका का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरा सौभाग्य कि मैं इस कार्यक्रम में रहा। आज 500 साल की तपस्या पूरी हुई है। राम मंदिर भारत की एकात्मता का प्रतीक बनेगा। भारत का राष्ट्र मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से भारत की आस्था जिस पवित्र कार्य के लिए तरस रही थी वह मर्यादा राम का भव्य मंदिर बनकर समस्त सनातन धर्मावलिम्बयों की आस्था का केन्द्र बनेगा।

जिन आक्रान्ताओं ने अपने नापाक इरादों से हमारी आस्था पर प्रहार किया था अंतत: भारत की विजय हुई। सत्यमेव जयते के नारे ने धर्मा रक्षित रक्षित: यतो: धर्मस्य ततो जय: ने एक बार फिर से अपनी सार्थकता को सिद्ध किया है।
योगी ने कहा कि मोदी के मार्गदर्शन में उनके कर कमलों से जिस कार्य का शुभारम्भ हुआ था। अयोध्या में 500 वर्षों की जो हिन्दू जनमानस का संकल्प था वह बहुत शीघ्र पूरा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य अशोक सिंहल,महंत रामचन्द्र दास परमहंस की पुण्यात्मों को भी आनन्द की अनुभूति हो रही होगी। योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियां इस काम में लगीं। आज का दिवस हम सबको एक नई प्रेरणा देता है। हम सदैव सत्य व धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे तो हमें विजय से कोई रोक नहीं सकता।
अयोध्या को हमें विश्व की सबसे सुन्दरतम नगरी बनाना होगा। अब आन्दोलन के बाद अब हमें निर्माण कार्य से जुड़ना होगा और अयोध्या भव्य और दिव्य हो इसके लिए काम होगा। इस अवसर पर देशभर के 250 से अधिक साधु-संत मौजूद रहे।



