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UP Election: रायबरेली-अमेठी में ही फ़ेल है प्रियंका का ‘फ़ार्मूला’?

यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस आधी आबादी के फार्मूले को आधार बनाकर मैदान में है। प्रियंका वाड्रा के नारे 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा ही पार्टी का मुख्य नारा बन गया है। इसके लिए पार्टी ने टिकट बंटवारे में महिलाओं को चालीस प्रतिशत हिस्सेदारी की भी बात जोर शोर से उठाई है। बावजूद प्रियंका का यह 'फार्मूला' उनके ही गढ़ रायबरेली अमेठी में फेल हो गया है।

Raibareli: यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस आधी आबादी के फार्मूले को आधार बनाकर मैदान में है। प्रियंका वाड्रा के नारे ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा ही पार्टी का मुख्य नारा बन गया है। इसके लिए पार्टी ने टिकट बंटवारे में महिलाओं को चालीस प्रतिशत हिस्सेदारी की भी बात जोर शोर से उठाई है। बावजूद प्रियंका का यह ‘फार्मूला’ उनके ही गढ़ रायबरेली अमेठी में फेल हो गया है।

रायबरेली में तो नामांकन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है और अमेठी में भी केवल एक सीट को छोड़कर सभी पर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं,लेकिन इनमें आधी आबादी की भागीदारी को मुद्दा बनाने वाली कांग्रेस को अपने ही गढ़ में केवल एक महिला उम्मीदवार ही मिल सकी है।

यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी का कहना है कि ‘प्रियंका जी की प्रतिज्ञा महिला सशक्तिकरण हैं और अब तक जारी सभी आठों लिस्ट में इसे पूरा किया गया है।रायबरेली अमेठी के बाबत अवस्थी का कहना है कि यहां बहुत मजबूत महिला चेहरे पार्टी के पास हैं जो अपने हिसाब से पार्टी को मजबूत कर रही हैं।’

रायबरेली संसदीय क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा सीट हैं जिनमें एक सुरक्षित हैं। कांग्रेस ने रायबरेली सदर से डॉ मनीष चौहान, महराजगंज से सुशील पासी, हरचंदपुर से सपा छोड़कर आये सुरेन्द्र विक्रम सिंह, ऊंचाहार से भाजपा से आये अतुल सिंह को उम्मीदवार बनाया है। रायबरेली में केवल सरेनी से सुधा द्विवेदी ही पार्टी की महिला उम्मीदवार हैं, वह भी तब जब भाजपा से टिकट न मिलने पर सुधा कांग्रेस में शामिल हो गईं।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के लिये पूरे यूपी में रायबरेली सबसे अहम है। जहां 2019 में भी कांग्रेस का गढ़ बचा रहा और भाजपा लहर के बावजूद पार्टी के यहां से दो विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बावजूद कांग्रेस यहां से महिला उम्मीदवार को खोज नहीं पाई और इसके लिये भी दूसरे दलों की ओर देखना पड़ा।

अमेठी संसदीय क्षेत्र में भी पार्टी की एक भी उम्मीदवार महिला नहीं है और अब तक कुल चार घोषित उम्मीदवारों में किसी महिला को जगह नहीं दी गई है। अमेठी सदर में पार्टी ने अभी कोई उम्मीदवार पार्टी ने तय नहीं किया है। अमेठी संसदीय क्षेत्र में आने वाली सीट सलोन से अर्जुन पासी, तिलोई सीट से प्रदीप सिंघल,जगदीशपुर से विजय पासी, गौरीगंज से मो फतेहबहादुर कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार हैं। हालांकि अमेठी से पार्टी ने अभी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है,लेकिन जो इस दौड़ में आगे हैं उनमें भी कोई महिला नही है।

गौरतलब है कि रायबरेली के साथ ही अमेठी कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी यहां से कोई उम्मीदवार नहीं जिता सकी और 2019 के लोकसभा चुनाव में भी यह सीट राहुल गांधी से छिन गई। हालांकि पार्टी यहां ख़ुद को मजबूत करने में जुटी हुई है, बावजूद इसके प्रियंका के आधी आबादी वाले फार्मूले का यहां न चल पाना वाकई चौंकाता है।

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