Deoghar: देवघर नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। टेंडर में खुलेआम धांधली का आरोप लगाया गया है।

दरअसल, निगम की ओर से 2 नवंबर 2026 को आयोजित एनआईटी 20 (26-27) के तहत निकाले गए टेंडर में गंभीर अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया गया है। नगर आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

आरोप है कि निगम के निर्धारित आदेश के अनुसार टेंडर जमा करने का अंतिम समय दोपहर तीन बजे निर्धारित किया गया था। बावजूद इसके समय समाप्त होने और टेंडर बॉक्स बंद किए जाने के बाद भी कुछ लोगों द्वारा टेंडर जमा किए गए। इतना ही नहीं, आरोप है कि टेंडर बॉक्स में टेंडर डालने के बाद भी उसमें अपनी मर्जी से दर (रेट) भरकर जमा करने जैसी गंभीर अनियमितता की गई है।
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार दूबे ने इस पूरे घटनाक्रम को टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा किये है।

शिकायतकर्ता के अनुसार अगर निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी टेंडर स्वीकार किए गए हैं, तो यह पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाला मामला है। इससे अन्य निविदादाताओं के साथ भी अन्याय होने की आशंका है।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने नगर आयुक्त से निगम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कराने की मांग की है।
शिकायत की प्रतिलिपि देवघर उपायुक्त और सचिव, नगर विकास विभाग को भी भेजी गई है।



