
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस (Jharkhand Governor Ramesh Bais) ने अपना फैसला सुना दिया है। सूत्रों के अनुसार राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा कर दी है।

सीएम के खदान लीज का पट्टा लेने के मामले में चुनाव आयोग ने गुरुवार को ही राज्यपाल से हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की थी। चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने के मामले में कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि राजभवन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अब राज्यपाल इसकी जानकारी चुनाव आयोग को देंगे। इसके बाद चुनाव आयोग इसकी अधिसूचना जारी करेगा।

गौरतलब है कि झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास ने इसी साल फरवरी में दावा किया था कि हेमंत सोरेन ने पद का दुरुपयोग किया और खुद को खनन पट्टा आवंटित किया। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये एक ऐसा मसला है जिसमें हितों के टकराव के साथ भ्रष्टाचार की बात शामिल है। रघुवर दास ने जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया। चुनाव आयोग ने इस मामले में मई महीने में एक नोटिस भेजकर खनन पट्टे को लेकर उनका पक्ष जानना चाहा था।
दरअसल एक आरटीआई एक्टिविस्ट शिव शर्मा ने दो PIL दायर कर CBI और ED से एक माइनिंग घोटाले की जांच कराने की मांग की थी। यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े खनन लीज और शेल कंपनियों में उनके और उनके करीबियों की हिस्सेदारी से जुड़ा है। आरोप है कि सीएम हेमंत ने अपने पद का दुरुपयोग कर स्टोन क्यूएरी माइंस अपने नाम आवंटित करवा लीं। इस मामले की जांच सीबीआई और ED से करवाने की मांग गई थी।


