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टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत घोटाला की जांच करें ACB या CBI: सरयू राय

विधायक सरयू राय ने झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह 2016 और 2017 के अवसर पर हुए टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत, साज-सज्जा घोटाला की जाँच ACB अथवा CBI से कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है।

रांची: विधायक सरयू राय ने झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह 2016 और 2017 के अवसर पर हुए टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत, साज-सज्जा घोटाला की जाँच ACB अथवा CBI से कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि मेनहर्ट घोटाला से अधिक गंभीर है, टॉफी, टी-शर्ट, गीत-संगीत, साज-सज्जा घोटाला। इस घोटाला के सभी केन्द्रीय पात्र जमशेदपुर से जुड़े हैं। 

यह घोटाला वर्ष 2016 और 2017 में 15 नवम्बर को हुए झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन में स्कूली बच्चों के बीच टॉफी- टी शर्ट बाँटने और गीत-संगीत की महफिल सजाने तथा रांची शहर की साज-सज्जा से संबंधित हैं। इस घोटाला की जांच विधान सभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति कर रही है।

इस मामले में झारखंड उच्च न्यायालय में भी एक रिट याचिका पर सुनवाई चल रही है। समय कम होने का बहाना बनाकर राज्य स्थापना दिवस समारोह, 2016 की सुबह प्रभात फेरी में शामिल होने वाले बच्चों को देने के लिये एक प्रिंटेड टी-शर्ट और टॉफी का एक पैकेट बिना निविदा निकाले मनोनयन के आधार पर खरीदा गया था।

टॉफी की खरीद सिदगोडा, जमशेदपुर के लल्ला इंटरप्राईजेज से और टी शर्ट की खरीद कदमा, जमशेदपुर के प्रकाश शर्मा के माध्यम से कुडु फैब्रिक्स, लुधियाना से दिखाई गई। प्रारम्भिक जांच में पता चला कि वर्ष 2016-17 में लल्ला इंटरप्राईजेज ने न  तो एक भी टॉफी खरीदा और न ही बेचा, लेकिन एक साजिश के तहत सरकार से 35 लाख रूपये का चेक ले लिया। उस पर बिक्री कर (VAT) का करीब चार लाख रूपये का भुगतान कर दिया। 

वाणिज्य कर विभाग ने टॉफी की बिक्री छुपाने के लिये लल्ला इंटरप्राईजेज पर 17 लाख रूपये से अधिक का जुर्माना लगा दिया है। मामले की जांच कर रही विधान सभा की अनागत प्रश्न क्रियान्वयन समिति सरकार के संबंधित विभागों से प्राप्त आवश्यक सूचनाओं की जांच कर रही है।

ये सूचनायें याचिकाकर्ता द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय के समक्ष भी रखी जाने वाली हैं। क़ायदे से राज्य को बदनाम करने वाले इस घोटाले की जांच एसीबी के हवाले की जानी चाहिये। टी-शर्ट खरीद का मामला दो राज्यों से संबंधित है तो इस घोटाला की जांच सीबीआई को भी सौंपी जा सकती है। 

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