
New Delhi : हाल ही में वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे सेलिब्रेट किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कई रिसर्च के आधार पर दावा किया कि बिगड़े लाइफस्टाइल की वजह डिप्रेशन या स्ट्रेस का बहुत बड़ा कारण है। मेंटल हेल्थ पर विस्तार से चर्चा हुई लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि स्किन के लिए भी स्ट्रेस आफत (Stress is also harmful for the skin) है!

जब हम हद से ज्यादा स्ट्रेस लेते हैं तो इसका सीधा असर सबसे पहले हमारी स्किन पर पड़ता है। मेडिकल भाषा में इसे ‘स्ट्रेस स्किन’ कहते हैं।

जब आप तनाव में होते है, तो सभी तरह के गलत विचार आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है। इसके साथ ही यह मुलायम त्वचा को भी खराब कर देती है। अक्सर देखा जाता है कि स्ट्रेस लेने वालों के चेहरे पर पिंपल्स देखने को मिलते है।
स्ट्रेस की स्थिति में शरीर से कोर्टिसोल और अन्य तनाव हार्मोन रिलीज होते है, जो त्वचा के सामान्य संतुलन को बाधित कर सकते हैं।
एक शोध में भी यह बात सामने आई है कि भावनाओं का त्वचा की सेहत से सीधे तौर पर जुड़ाव होता है। ऐसे में सिर्फ मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर ही ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए।
स्ट्रेस में होने पर आपका शरीर कोर्टिसोल के उच्च स्तर का उत्पादन करता है। यह मुख्य रूप से स्ट्रेस का हार्मोन है जो आपकी त्वचा में सूजन के साथ कई सारी बीमारियां लेकर आता है।
स्ट्रेस लेने से आपकी स्किन ऑयली हो सकती है, जिससे चमकता दमकता चेहरा मुंहासे से भर सकता है। स्ट्रेस स्किन गंभीर सूजन का कारण बन सकती है। जिससे त्वचा में दाग धब्बे, दाने आ जाते हैं और जलन महसूस होने लगती है।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि स्ट्रेस की वजह बिगड़ी जीवनशैली होती है। जंक फूड, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन करने से समस्या और बढ़ सकती है। उपाय सिर्फ एक है अच्छा खाएं, अच्छा सोचें और अच्छी लाइफस्टाइल को अपनाएं। फिर भी समस्या बढ़ रही है तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेने जरूर जाएं। (IANS)



