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Gujarat: 12वीं कक्षा के स्कूलों में पढ़ाई शुरू, छात्रों में खुशी का माहौल

कोरोना की दूसरी घातक लहर के बाद राज्य में नये मामलों में आयी भारी गिरावट को देखते हुए गुरुवार से स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गयी है।

अहमदाबाद: कोरोना की दूसरी घातक लहर के बाद राज्य में नये मामलों में आयी भारी गिरावट को देखते हुए गुरुवार से स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गयी है। आज से 12वीं की कक्षाएं शुरू कर दी गयी हैं। इसके लिए स्कूलों ने अभिभावकों से अनुमति ली है और छात्र स्कूल आकर काफी खुश नजर आए।

अहमदाबाद के नारनपुरा स्थित विजयनगर स्कूल में आज से छात्रों के लिए ऑफलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। स्कूलों में पहले दिन 50 फीसदी क्षमता के साथ स्कूल खुले। इस दौरान कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए छात्रों को कक्षा में सामाजिक दूरी और मास्क के साथ बैठाया गया। स्कूल में प्रवेश करते ही छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और उनके हाथों को सैनिटाइज किया गया। माता-पिता से सहमति फॉर्म मिलने के बाद ही छात्रों को कक्षा में प्रवेश दिया गया। बोर्ड की परीक्षा के कारण छात्रों को सुबह केवल 2 पीरियड पढ़ाया गया। जो परीक्षा पूरी होने पर फुल टाइम पढ़ाया जाएगा।

विजयनगर स्कूल के प्रिंसिपल धवल पाठक ने कहा कि स्कूल ने आज से काम करना शुरू कर दिया है। छात्रों के लिए मास्क और सामाजिक दूरी अनिवार्य कर दी गई है। कक्षाओं को पहले भी सैनिटाइज किया गया था। छात्रों के माता-पिता से सहमति पत्र प्राप्त किया गया और जिन छात्रों के पास सहमति पत्र था, उन्हें ही प्रवेश दिया गया।

केतन पटेल नाम के एक छात्र ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई की तुलना में ऑफलाइन पढ़ाई ज्यादा मायने रखती है। जब स्कूल बहुत दिनों बाद शुरू होता है तो स्कूल आना एक खुशी की बात होती है। दोस्तों से मिलना और दोस्तों से बात करना भी खुशी की बात है। पारुल नाम की एक छात्रा ने कहा कि ऑफलाइन पढ़ाई करने में ऑनलाइन से ज्यादा मजा आता है। दोस्त जो ऑनलाइन मिलते थे अब ऑफलाइन मिलकर खुश हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में उतनी दिलचस्पी नहीं है, जितनी ऑफलाइन होने की। तो अब हम स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई करेंगे।

सरकार ने 15 जुलाई से स्कूल-कॉलेज शुरू करने का सर्कुलर-गाइडलाइन 24 घंटे पहले बुधवार 14 तारीख को जारी किया था और इसमें भी प्रशासक असमंजस में हैं क्योंकि शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से सहमति पत्र लेने का आदेश दिया है। स्टेट स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर फेडरेशन ने यह भी कहा है कि राज्य के स्कूल प्रशासकों में ही नहीं बल्कि छात्रों और अभिभावकों में भी कुछ भ्रम है।

सर्कुलर में कहा गया है कि स्कूल 50 फीसदी क्षमता के साथ शुरू किए जा सकते हैं। छात्रों, अभिभावकों, स्कूल स्टाफ को कोरोना से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा। कक्षा को नियमित रूप से साफ करने के लिए भी कहा गया है। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों की सहमति फॉर्म का प्रारूप भी जारी कर दिया है। ऑफलाइन विकल्प नहीं चुनने वाले छात्र की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी जा सकती है।

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