नई दिल्ली।

इंजीनियरिंग (Engineering) के लिए अब 12वीं में गणित या फिजिक्स (Math or Physics) की पढ़ाई की बाध्यता नहीं रही। यह फैसला ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने लिया है। इंजीनियरिंग में फिजिक्स केमिस्ट्री और गणित के अलावा, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बायोलॉजी, इंफोर्मेटिक प्रैक्टिस, बायोटेक्नोलॉजी, टेक्निकल वोकेशनल सब्जेक्ट, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, बिजनेस स्टडीज के छात्र भी एडमिशन ले सकते हैं। इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए 12वीं में इनमें से कोई भी तीन विषय होने चाहिए।

काउंसिल ने इंजीनियरिंग के अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन का मानदंड बदलते हुए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स को वैकल्पिक बना दिया है। नई व्यवस्था 2021-22 सत्र से लागू होगी। अभी तक इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए 12वीं में गणित और फिजिक्स पढ़ना अनिवार्य होता था।


एआईसीटीई ने यह फैसला इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने विभिन्न बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों को राहत देने के लिए लिया है। सामान्य वर्ग के छात्रों को इन विषयों में न्यूनतम 45% और आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को 40% अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। इस संबंध में एक हैंड बुक भी जारी की गई है। जिसमें नए नियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
नई शिक्षा नीति से जोड़े नियम
एआईसीटीई के उपाध्यक्ष एम.पी. पूनिया ने कहा, हमने भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति के साथ अपने नियमों को जोड़ दिया है। एआईसीटीई ने कहा है कि इंजीनियरिंग संस्थान भिन्न-भिन्न बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों के लिए मैथमेटिक्स, फिजिक्स, इंजीनियरिंग ड्राइंग जैसे ब्रिज कोर्स ऑफर करेंगी। ताकि ऐसे छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मुश्किल न आए।




