
Deoghar News : पालाजोरी थाना क्षेत्र के रामपुर चन्द्रायडीह गांव में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का बाल विवाह कराए जाने की सूचना पर प्रशासन और पुलिस की तत्परता से विवाह रुकवा दिया गया। यह कार्रवाई 20 जून 2026 को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई।

जानकारी के अनुसार, पालाजोरी थाना क्षेत्र के रामपुर चन्द्रायडीह गांव में एक नाबालिग लड़की का विवाह उसके अभिभावकों द्वारा कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को दी गई।

पुलिस अधीक्षक देवघर के निर्देश पर पुलिस निरीक्षक पालाजोरी अंचल तथा अन्य अधिकारियों की टीम सत्यापन के लिए गांव पहुंची।
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित किशोरी रामपुर चन्द्रायडीह की निवासी है और उसका विवाह कराया जा रहा था। इसी बीच प्रखंड विकास पदाधिकारी पालाजोरी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
सत्यापन के क्रम में विद्यालय द्वारा प्रमाणित जन्म प्रमाण पत्र का अवलोकन किया गया, जिसमें किशोरी की जन्म तिथि 25 अप्रैल 2012 दर्ज पाई गई। इससे उसकी उम्र लगभग 14 वर्ष होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद दण्डाधिकारी, पुलिस अधिकारियों, किशोरी के पिता एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में स्वघोषणा प्रमाण पत्र लिया गया तथा विवाह को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। साथ ही किशोरी के पिता से लिखित वचन पत्र लिया गया कि वह अपनी पुत्री की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही उसका विवाह कराएंगे।
प्रशासन ने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कराना कानूनन अपराध है। दोषियों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
बाल विवाह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है। कार्रवाई में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी प्रार्थ नंदन, पुलिस निरीक्षक सुकांत त्रिपाठी, थाना प्रभारी संजय कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम शामिल रही।


