
New Delhi: दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offenses Wing) ने हेल्थ केयर कंपनी (Health care company) में निवेश करवाने के नाम पर एक निवेशक को करीब 16 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले सगे भाई-बहन को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान पंचशील एंक्लेव, दिल्ली निवासी चेरियन (35) और बंगलुरु, कनार्टक निवासी मीनाक्षी सिंह (36) के तौर पर की गई है। चेरियन ने दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS, Delhi) से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई की हुई है। वहीं मीनाक्षी ने इंजीनियरिंग (Engineering) और एमबीए (MBA) की पढ़ाई आइआइएम (IIM) से की हुई है।

इन दोनों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी के निदेशक गंधर्व गोयल को 16 करोड़ रुपए का चूना लगाया था। इन आरोपितों ने उस वक्त उन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया था, जब उन्हें लगा कि अब उनकी कंपनी पूर तरह से फल-फूल गई है।

आर्थिक अपराध शाखा के विशेष आयुक्त रविंदर सिंह यादव ने शुक्रवार को बताया कि नोएडा निवासी गांधर्व गोयल की शिकायत पर सिनैप्सिका टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड (Synapsica Technologies Private Limited) के वह निदेशक थे। कंपनी के सहयोगी मीनाक्षी ने दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अपने आप को कंपनी का निदेशक बना लिया और अपने भाई चेरियन को कंपनी का सहयोगी बनाया। बाद में जब कंपनी चल पड़ी तो भाई-बहनों ने मिल कर उन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इससे उन्हें तकरीबन 16 करोड़ रुपए का चूना लगा है। यह कंपनी हेल्थ केयर (health care) में क्षेत्र में काम करती है। उनकी शिकायत पर साल 2021 में मालमा दर्ज कर लिया गया और मामले की छानबीन शुरू की गई।
जांच के दौरान टीम को पता चला कि मीनाक्षी ने साजिशन गंधर्व गोयल के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर विदेशी निवेशकों को कंपनी में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। इस साजिश की वजह से गोयल को करीब 16 करोड़ रुपए का नुकासन हुआ बाद में कंपनी ने गोयल को बाहर का रास्ता दिख दिया गया। सूचना के आधार पुलिस ने दोनों भाई-बहन को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया।


