

नई दिल्ली।

कोरोना के चलते इस बार 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में कई बदलाव किए गए हैं।

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ पर होने वाली परेड में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाला मोटरसाइकिल स्टंट इस साल देखने को नहीं मिलेगा।
इस साल कोरोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंसिंग बरक़रार रखने के लिए मोटरसाइकिल स्टंट शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा हर साल राजपथ पर 1.25 लाख लोग इस परेड को देखने आते थे जिसकी संख्या घटाकर 25,000 कर दी गई है। पहले परेड की लंबाई 8.2 किलोमीटर होती थी, जो विजय चौक से लाल किले तक जाती थी। लेकिन इस बार विजय चौक से नेशनल स्टेडियम तक यह 3.3 किलोमीटर ही लंबी होगी।
जबकि पहली बार परेड में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख़ की झांकी शामिल होगी। साल 2019 में जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटकर दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिए गए थे। लद्दाख़ की झांकी में थिक्से मठ के अलावा भारतीय खगोलीय वेधशाला को भी दिखाया जाएगा।
इसके साथ ही मार्च करने वाले सैन्य दस्तों की संख्या भी 144 से घटाकर 96 कर दी गई है।
रिपब्लिक डे परेड में इस बार छोटे बच्चे हिस्सा नहीं लेंगे। 15 साल से ज्यादा उम्र के स्कूली बच्चे ही शामिल होंगे। साथ ही दिव्यांग बच्चे भी इस बार शामिल नहीं होंगे। इस बार खड़े होकर परेड देखने का इंतजाम नहीं होगा। जितनी सीटें होंगी उतने ही लोगों को इजाजत दी जाएगी।



