नई दिल्ली।

लॉकडाउन के तीसरे चरण के दौरान देश में कोरोना के मामले तेजी से बढते जा रहे हैं। जब से मई का महीना शुरू हुआ है, कोरोना वायरस के मामलों की रफ्तार तेज गई है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3,390 नए मामले सामने आए हैं, साथ ही 1,273 मामले ठीक भी हुए हैं। महाराष्ट्र, गुजरात के बाद अब दिल्ली में बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

हाल ही में दिल्ली एम्स के डायरेक्टर ने रणदीप गुलेरिया चेतावनी देते हुए कहा था कि जून महीने में भारत में कोरोना संक्रमण का स्तर सबसे उच्चतम स्तर पर जा सकता है। उनके इस दावे पर अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जवाब दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अगर हम जरूरी सावधानियों को बरतेंगे और आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करेंगे तो हम कोरोना वायरस के मामलों को चरम में पहुंचने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम आवश्यक सावधानी नहीं बरतते हैं और प्रक्रियाओं का पालन नहीं करते हैं, तो मामलों में तेजी आ सकती है।
क्या कहा था एम्स के डायरेक्टर ने:
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि जिस तरीके से ट्रेंड दिख रहा है, कोरोना के केस जून में पीक पर होंगे। हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बीमारी एक बार में ही खत्म हो जाएगी। हमें कोरोना के साथ जीना होगा। धीरे-धीरे कोरोना के मामलों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण फिर भी ये आंकड़े कम हैं वरना मामले बहुत ज्यादा बढ़ जाते। अस्पतालों ने लॉकडाउन में अपनी तैयारी कर ली है। डॉक्टर्स को प्रशिक्षण दिए गए हैं। पीपीई किट्स, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिकल उपकरणों के इंतजाम हुए हैं। कोरोना की जांच बढ़ी है।


