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क्रिप्टो करंसी की ट्रेडिंग करने वाले एक्सचेंज वजीर-एक्स पर ईडी का शिकंजा

वजीर-एक्स के यूजर्स ने इसके पुल अकाउंट से दूसरे क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज से 880 करोड़ रुपये कीमत की क्रिप्टो करंसी प्राप्त की और करीब 1,400 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करंसी ट्रांसफर भी की। ये सारा लेन-देन बिना वैध कागजात जमा कराए ही किया गया।

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करंसी की ट्रेडिंग करने वाले एक्सचेंज वजीर-एक्स को फेमा कानून के तहत नोटिस जारी किया है। ईडी ने एक्सचेंज के डायरेक्टर निश्चल शेट्टी और समीर हनुमान म्हात्रे को भी फेमा कानून के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि ये मामला यह 2,790.74 करोड़ रुपये की कीमत के क्रिप्टो करंसी की लेनदेन से जुड़ा है। आरोप है कि क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज ने अपने कुछ संदिग्ध यूजर्स को बिना वैध कागजों के ही ये ट्रांजैक्शन करने की इजाजत दे दी। 

एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक ईडी पहले से ही ऑनलाइन बेटिंग कंपनी एप्लीकेशंस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही थी। एप्लीकेशंस नाम की इस ऑनलाइन बेटिंग कंपनी का स्वामित्व चीन के कारोबारियों के पास है। इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। मामले की जांच के दौरान क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज वजीर-एक्स के भी इसमें शामिल होने का पता चला। जिसके बाद वजीर-एक्स और उसके डायरेक्टर्स के खिलाफ जांच की शुरुआत की गई है। 

ऑनलाइन बेटिंग कंपनी एप्लीकेशंस के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय को इस बात का पता चला था कि इस कंपनी का संचालन कर रहे चीनी कारोबारियों ने 57 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग की। इसके बाद इन रुपयों को क्रिप्टो करंसी में तब्दील किया गया और फिर उसे आगे अग्रसारित कर दिया गया। जब मामले की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि ये मामला सिर्फ 55 करोड़ रुपये का ही नहीं बल्कि इससे कई गुना ज्यादा राशि का है। 

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज वजीर-एक्स ने प्रॉपर डाक्यूमेंट्स को चेक किए बिना ही चीनी कारोबारियों को क्रिप्टो करंसी ट्रांजैक्शन की इजाजत दे दी। वजीर-एक्स पर ये आरोप भी है कि उसने अपने कुछ संदिग्ध क्लाइंट्स के लिए अपने पुल अकाउंट में रखी गई क्रिप्टो करंसी को दूसरे एक्सचेंज के वॉलेट में ट्रांसफर भी किया और दूसरे एक्सचेंज के वॉलेट से प्राप्त भी किया। इसके लिए वजीर-एक्स ने जरूरी कागजात भी नहीं लिए, जो एंटी मनी लॉन्ड्रिंग (एएमएल), फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) और कॉम्बैटिंग ऑफ फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म (सीएफटी) के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। 

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि वजीर-एक्स के यूजर्स ने इसके पुल अकाउंट से दूसरे क्रिप्टो करंसी एक्सचेंज से 880 करोड़ रुपये कीमत की क्रिप्टो करंसी प्राप्त की और करीब 1,400 करोड़ रुपये की क्रिप्टो करंसी ट्रांसफर भी की। ये सारा लेन-देन बिना वैध कागजात जमा कराए ही किया गया। आरोप है कि वजीर-एक्स और उसके डायरेक्टर्स ने अपने क्लाइंट्स को ऐसा करने की अनुमति भी दी। इसके साथ ही वजीर-एक्स ने मनी लॉन्ड्रिंग के साथ ही दूसरी अवैध और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की भी अपनी ओर से हरसंभव मदद की। 

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