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Farmers Protest : हिंसा के बाद दो किसान संगठनों ने खत्म किया आंदोलन, टिकैत पर लगाए आरोप

N7News Admin 27-01-2021 05:50 PM दिल्ली-एनसीआर

वीएम सिंह और भानू प्रताप सिंह (फाइल फोटो)



बीकानेर


नई दिल्‍ली। 

गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर निकाली गई किसान ट्रैक्टर रैली (Kisan Tractor Rally) के दौरान मचे बवाल और हिंसा के बाद किसान आंदोलन (Kisan Andolan) में फूट पड़ गई है। दो किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे आंदोलन को वापस लेने का ऐलान किया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन और भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने गाजीपुर और नोएडा बॉर्डर पर चल रहे प्रदर्शन को वापस ले लिया। इसके साथ भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत पर गंभीर आरोप भी लगाए। 

राष्‍ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वीएम सिंह (VM Singh) ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुद और अपने संगठन को इस आंदोलन से अलग करने का फैसला लिया है। उन्‍होंने कहा कि हम अपना आंदोलन यहीं खत्‍म करते हैं। हमारा संगठन इस आंदोलन से अलग है। 

उधर, भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भानू प्रताप सिंह ने भी खुद को आंदोलन से अलग करने का ऐलान कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि मैं कल दिल्‍ली में हुई घटना से इतना दुखी हूं कि मैं इसी समय से घोषणा करता हूं कि अपने संगठन के धरने को खत्‍म करता हूं। 

किसान नेता वीएम सिंह ने बुधवार को कहा, ''हम किसी ऐसे व्यक्ति (राकेश टिकैत) के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते, जिसकी दिशा कुछ और हो। इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है।'' सिंह ने कहा कि सरकार की भी गलती है, जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी।   

'उकसाने वाले के खिलाफ की जाए कार्रवाई'

गाजीपुर बॉर्डर पर पिछले काफी दिनों से आंदोलन कर रहे वीएम सिंह ने आईटीओ पर मरने वाले किसान के बारे में भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उसे उकसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। सिंह ने कहा, ''हिन्दुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया, वह भी गलत हैं। आईटीओ में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए।''

आंदोलन को कमजोर आदमी बीच में छोड़ता है- टिकैत

खुद पर लगे आरोपों को लेकर भाकियू के राकेश टिकैत ने कहा कि मैं पहले ही किसानों की सारी जिम्‍मेवारी ले चुका हूं. जिसको गाजीपुर छोड़ना है वह छोड़ दे. दो महीने तक यहां क्‍यों डटे थे? जब पुलिस का डंडा पड़ा तो भाग गए. जब नेतागिरी करनी थी तो करते रहे, लेकिन एफआईआर दर्ज हो गई तो आंदोलन छोड़कर भाग गए. आंदोलन को कमजोर आदमी बीच में छोड़ता है.

गणतंत्र दिवस पर हुआ था बवाल 

देश के 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को विभिन्न किसान संगठनों ने दिल्ली की सीमाओं से किसान ट्रैक्टर परेड निकाली थी। यह परेड आगे जाकर हिंसक घटनाओं में तब्दील हो गई थी। कई किसानों की परेड तो तय रूट पर गई थी, लेकिन कई किसान दिल्ली में उन जगहों पर ट्रैक्टर लेकर चले गए थे, जिनकी अनुमति नहीं मिली थी। इस दौरान, किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस छोड़े थे। उपद्रवियों ने काफी देर तक लालकिले में भी हुड़दंग मचाया था।


नमन





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