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कोरोना काल में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और टूर एवं ट्रेवल बिजनेस

N7News Admin 13-11-2020 06:08 PM Opinion



         कनिष्क


ByGirish Malviya

जो सेक्टर कोरोना काल मे सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है उसके लिए अब कुछ भी नही किया गया वो है हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ओर टूर एवं ट्रेवल बिजनेस

बीकानेर


हर शहर में सैकड़ो की संख्या में होटल रेस्टोरेंट पर परमानेंट रूप से ताले लटक गए हैं। टूर ट्रेवल्स वाले की हालत तो इतनी बुरी है कि कई लोग आत्महत्या करने की कगार पर हैं । इन दोनों सेक्टर में काम करने वाले लोगों की हालत अन्य व्यापार की अपेक्षा बहुत ही ज्यादा खस्ता हैै। कई प्रतिष्ठान तो मार्च से अबतक खुले ही नही है, बिजली के बिलों में भी लॉकडाउन के दौरान कोई छूट नहीं मिली है। 

यहाँ काम करने वाले लोगो की सैलेरी का अब तक कोई ठिकाना नही है, कई जगह आधी सैलरी मिल रही है, कई सेलेरिड लोगो के वाहन बिक गए तो कई बैंक की किश्तें ही जमा नहीं करवा सके। बच्चों की स्कूल फीस तो जमा कराने की बात छोड़ ही दीजिए। 

देश में होटल, रेस्टोरेंट तथा अन्य आतिथ्य सत्कार उद्योग (Hospitality) की शीर्ष संस्था फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) के अपाध्यक्ष गुरूबख्शीश सिंह कोहली का कहना है कि पिछले साल इन दिनों में जिन स्थानों पर होटल फुल चलते थे, ऐसी जगहों पर इस साल होटल के कमरे की बुकिंग औसतन 15 से 25 फीसदी ही हुई है।

एफएचआरएआई का मानना है कि अगर एक-दो महीने और ऐसे ही हालात रहे तो इंडस्ट्री के लिए आगे कामकाज कर पाना बहुत मुश्किल हो जायेगा। एसोसिएशन सरकार से अपील करती आ रही है कि उन्हें भी कुछ मदद मिले। जैसे लोन्स की रिस्ट्रक्चरिंग, हॉस्पिटेलिटी सेक्टर के लिए आसान रूप से लोन्स की सुविधा आदि। इन दिनों होटल और रेस्टोरेंटों में ग्राहकी नहीं रहने से होटल मालिकों के लिए कर्मचारियों का वेतन और दूसरे खर्च भी निकालना मुश्किल हो रहा है।

इन लोगों को सरकार से उम्मीद थी कि सरकार तीसरे पैकेज की घोषणा करते वक्त उनके लिए कुछ अलग योजना निकालेगी लेकिन कल जो राहत पैकेज दिया गया है, उसमे भी इस सेक्टर के लिए कोई प्रावधान नही किया गया है। 

Disclaimer: ये लेखक के निजी विचार हैं. ये लेख मूल रूप से उनके फेसबुक वॉल से साभार लिया गया है.




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