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" होटल मालिक खो रहे हैं अपनी मानवता"

N7News Admin 24-09-2020 08:17 PM Opinion

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गौरव By: गौरव सिंह

 

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कोरोना महामारी ने न केवल शारिरिक रूप से ही बल्कि मानसिक और आर्थिक रूप से भी लोगो को चोट पहुँचाई है। लगातार नौकरियों से लोगों को हाथ धोना पड़ रहा है, लोगों का रोजगार छूट रहा है। लोगो के वेतन में कटौती की जा रही है। जिससे लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ होते जा रहे हैं। 

इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए HOTEL INDUSTRY में भी ऐसा कुछ है जिसपर चर्चा करना ज़रूरी है। आज के समय में अगर सबसे ज्यादा बुरा असर कोरोना वायरस का पड़ा है तो वो HOTEL INDUSTRY ही है। इस कारण कुछ लोग और होटल मालिक अपनी मानवता खो रहे हैं। जहां बहुत से HOTEL EMPLOYEE COVID-19 के कारण बेरोजगार हो गए हैं। वही जो कर्मचारी होटल में काम कर रहे है उनके लिए भी बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। कर्मचारी में कमी होने के कारण उनके काम के घण्टो में इज़ाफ़ा हुआ है। लोग 13-14 घंटे काम करने पर मजबूर हैं, लेकिन इतनी लंबी DUTY करने के बाद भी उनकी सैलरी भी उन्हें कट कर के दी जा रही है। 

एक बात समझ से परे है कि होटल मालिको की जनभावना कहाँ खो गयी है?

एक तो लम्बी ड्यूटी करा रहे है,ऊपर से वेतन में कटौती। ऐसे में वो कर्मचारी कैसे अपनी परिवार का पालन करेगा, क्या सारी बाते समझने का ठेका सिर्फ गरीबो का है? जो लोग अभी होटल में काम कर रहे हैं उन सभी के लिए ये बड़ी समस्या है। होटल मालिक सिर्फ अपना फायदा देख रहे हैं। भगवान न करे अगर कोई कर्मचारी COVID से ग्रसित हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? सेठ बने ये लोग तो इनका इलाज तक नही कराएंगे. क्योंकि इनकी मानवता खो गयी है, साव स्वार्थी बन गए हैं। ऐसे में इस विषय पर गहन सोच विचार करने का समय है और एक उचित निष्कर्ष निकालने का समय है। 

लेखक गौरव सिंह, होटल इंडस्ट्री में Chef हैं। ये उनके निजी विचार हैं। 




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