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इनकम टैक्स को लेकर सरकार ने किए 7 बड़े बदलाव, टैक्सपेयर्स को मिली बड़ी राहत

N7News Admin 25-06-2020 12:13 PM टाॅप न्यूज़

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नई दिल्ली।

कोविड-19 महामारी के समय में व्यक्तिगत करदाताओं को और कारोबार में आ रही कठिनाई को देखते हुए सरकार ने आयकर अनुपालन आवश्यकताओं में कुछ बदलाव किए हैं. इस कदम का उद्देश्य करदाताओं और व्यवसायों को राहत देना है. इसके साथ-साथ उनके अलग अलग विभिन्न वैधानिक और रेगुलेटरी अनुपालन को पूरा करने के लिए और अधिक समय देना है. जिसमें वित्त वर्ष 2019 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख बढ़ाने के साथ-साथ पैन को आधार से जोड़ना भी शामिल है.

रिटर्न फाइल करने की तारीख

केंद्र सरकार ने बुधवार (24 जून 2020) को वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया. इसके अलावा वित्त वर्ष 2019-2020 (एवाई 2020-21) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को 30 नवंबर 2020 तक पहले ही बढ़ाया जा चुका है. इसका मतलब जो रिटर्न 31 जुलाई और 31 अक्टूबर 2020 तक फाइल करना था उसे अब 30 नवंबर तक फाइल किया जा सकता है.

टैक्स छूट के लिए निवेश करने की लिमिट

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक अधिसूचना के जरिये वर्ष 2019-20 के दौरान टैक्स छूट पाने के लिए विभिन्न योजनाओं में निवेश के लिए समय भी एक महीने बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 कर दिया है. इस तरह करदाता आयकर कानून की धारा 80सी (जीवन बीमा, पेंशन कोष, बचत पत्र आदि), 80डी (चिकित्सा बीमा) और 80जी (दान) के तहत 31 जुलाई 2020 तक कर निवेश करके इन पर वित्त वर्ष 2019- 20 में कर छूट का दावा पा सकता है.

छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत

छोटे और मध्यम वर्ग के करदाताओं को कोरोना संकट की इस घड़ी में राहत मिल सके इसके लिए सरकार ने टैक्सपेयर्स के मामले में स्व-मूल्यांकन टैक्स के भुगतान की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। वहीं टैक्सपेयर्स (1 लाख से ज्यादा कर देयता) के लिए स्व-मूल्यांकन टैक्स भुगतान की डेडलाइन विस्तार नहीं होगा.

31 मार्च तक कर सकते हैं पैन-आधार लिंक

पैन-आधार लिंक करने की तारीख को भी 30 जून 2020 से बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दिया गया है. अगर पैन-आधार समय से पहले लिंक नहीं किया तो पैन कार्ड बेकार माना जाएगा. सीबीडीटी ने कहा है कि जो लोग इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर रहे हैं उनके लिए पैन कार्ड को आधार से जोड़ना अनिवार्य है. पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की आधार योजना को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया था. आयकर कानून की धारा 139 एए (2) में कहा गया है कि हर व्यक्ति जिसके पास एक जुलाई 2017 को पैन कार्ड था और जो आधार प्राप्त करने का पात्र है , उसे अपना आधार नंबर कर अधिकारियों को देना अनिवार्य है.

आयकर विभाग की तरफ से जारी होने वाले अल्फान्यूमेरिक परमानेंट अकाउंट नंबर को 12 अंकों के आधार के साथ ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लिंक करना आसान है. दो पहचान दस्तावेजों को लिंक करने के लिए UIDPAN12digit Aadhaar> 10digitPAN> इस प्रारूप में 567678 या 56161 पर एसएमएस भी भेज सकते हैं.

कर आडिट रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा

कर आडिट रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा को भी 31 अक्टूबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा विभिन्न प्रत्यक्ष कर और बेनामी कानून के तहत विभिन्न अनुपालनों के संबंध में प्राधिकरण द्वारा आदेश पारित करने अथवा नोटिस जारी करने की समयसीमा को 31 दिसंबर 2020 से आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2021 कर दिया गया है.

ये भी हुआ बदलाव

आयकर कानून की धारा 54 से लेकर 54जीबी के तहत पूंजीगत लाभ के मामले में ‘रोल ओवर’ लाभ, कटौती का दावा करने के वास्ते निवेश करने, निर्माण अथवा खरीदारी की समयसीमा को भी 30 सितंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है. इस लिहाज से अब 30 सितंबर 2020 तक किया गया निवेश, निर्माण अथवा खरीद पूंजीगत लाभ के तहत कटौती का दावा करने का आधार होगा.

इसी तरह विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) स्थित इकाइयों द्वारा आयकर कानून की धारा 10एए के तहत कटौती का दावा करने के लिये कामकाज शुरू करने की तिथि को भी 30 सितंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया है. यह सुविधा ऐसी इकाईयों के लिये होगी जिन्हं जरूरी मंजूरियां 31 मार्च 2020 तक मिल चुकी हैं.

टैक्स ऑनलाइन भरना बेहद आसान

टैक्स ऑनलाइन भरना बेहद आसान है और इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं। आप घर बैठे ही इस काम को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए कुछ आसान से स्टेप्स को फॉलो करना होगा। इसके लिए आपको सबसे पहले अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट https://www.tin-nsdl.com/ पर विजीट करना होगा। इसके बाद ‘Services’ सेक्शन पर जाना होगा।

ड्रॉप डाउन मेन्यू से ई-पेमेंट के लिए ‘Pay Taxes Online’ विकल्प को चुनें। पनी जरूरत के हिसाब से चालान का ऑप्शन सलेक्ट करें मसलन ये TNS 280, ITNS 281, ITNS 282, ITNS 283, ITNS 284 या फॉर्म 26 डिमांड पेमेंट आदि।इतन करते ही आपको PAN और TAN आदि की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही चालान डिटेल्स भी। बैंक, नाम और एड्रेस आदि की जानकारी भी दर्ज करें और ‘Submit’ पर क्लिक कर दें। इसके बाद आपको कन्फर्मेश मैसेज मिलेगा जिसके बाद आप बैंक के नेट-बैंकिंग पोर्ट पर रीडायरेक्ट कर दिए जाएंगे। यहां नेट बैंकिंग के लिए लॉग इन करें।

जैसे ही आप लॉग इन करेंगे आपको पेमेंट डीटेल्स भरने के लिए कहा जाएगा। इस भरें और पेमेंट कर दें। इसके बाद वेबसाइट पर CIN के साथ अन्य जानकारियां आ जाएंगी। इन जानकारियों को आप कहीं पर नोट कर लें या फिर प्रिंट निकाल लें। बता दें कि हाल ही में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए देरी से रिवाइज्ड इनकम रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है।

देरी से भुगतान के लिए नियम

सरकार ने अध्यादेश जारी कर देरी से टैक्स भुगतान पर लगाए जाने वाले ब्याज की दर को 12 से घटाकर 9 फीसदी कर दिया था. टैक्स का देरी से भुगतान करने पर 9 फीसदी की घटी दर से ब्याज वसूले जाने की अध्यादेश में उल्लिखित सुविधा 30 जून 2020 के बाद किये जाने वाले भुगतान पर लागू नहीं होगी.





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