
बिहार
मुंगेर।

मतदान से दो दिन पहले 26 तारीख को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के समय हुए लाठीचार्ज और उसमें गोली से एक की मौत के बाद मुंगेर जल रहा है। भारत निर्वाचन आयोग ने मुंगेर के डीएम और एसपी को हटाने का आदेश दिया है।

बिहार के मुंगेर में भड़की हिंसा गुरुवार को फिर जोर पकड़ रही है। गुस्साई भीड़ ने बासुदेवपुर पुलिस चौकी में आग लगा दी है। एसपी ऑफिस पर भी हमला हुआ है। मुफस्सिल थाने में छह गाड़ियां फूंक दी गई है। एसपी आफिस के पास करीब 25-30 हजार लोग जमा हो गए। पुलिस ने बल प्रयोग करने की तैयारी की तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने एसपी ऑफिस पर पथराव कर दिया। एक वाहन के शीशे तोड़ दिए। सराय मांडी में सड़क पर आगजनी की गई। वहां तोड़फोड़ की गई।

दरअसल, मुंगेर शहर के दीनदयाल उपाध्याय चौक पर सोमवार देर रात प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा हुई थी। फायरिंग और पथराव में एक थानेदार का सिर फट गया था और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। वहीं, अनुराग पोद्दार नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। सात लोग घायल हुए थे। बुधवार को इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें पुलिस लोगों को बेरहमी से पीटती नजर आ रही थी। इस घटना को लेकर लोगों में पुलिस के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। मुंगेर में बुधवार को वोटिंग थी इसलिए सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त थी, लेकिन गुरुवार को सुरक्षा बलों के जाते ही लोग जमा होने लगे।
मुंगेर में हुई हिंसा के बारे में एडीजी पुलिस मुख्यालय, जितेंद्र कुमार का कहना है कि गोलीकांड की जांच सीनियर पुलिस ऑफिसर्स से कराई जा रही है। एडीजी के मुताबिक मूर्ति विसर्जन के दौरान हालात बिगड़े थे। इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी, लेकिन हालात क्यों बिगड़े, इसका पता लगाया जा रहा है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, मुंगेर पुलिस बिगड़े हालात पर काबू पाने में अब तक असफल रही है। इस कारण पास के दूसरे जिलों की पुलिस फोर्स को अलर्ट किया गया है। लखीसराय, जमुई और शेखपुरा से पुलिस फोर्स को जल्द ही मुंगेर बुलाया जा सकता है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का सख्त पहरा लगाए जाने की तैयार चल रही है।




