Global Statistics

All countries
178,607,264
Confirmed
Updated on Saturday, 19 June 2021, 12:22:53 pm IST 12:22 pm
All countries
161,410,672
Recovered
Updated on Saturday, 19 June 2021, 12:22:53 pm IST 12:22 pm
All countries
3,867,064
Deaths
Updated on Saturday, 19 June 2021, 12:22:53 pm IST 12:22 pm

Global Statistics

All countries
178,607,264
Confirmed
Updated on Saturday, 19 June 2021, 12:22:53 pm IST 12:22 pm
All countries
161,410,672
Recovered
Updated on Saturday, 19 June 2021, 12:22:53 pm IST 12:22 pm
All countries
3,867,064
Deaths
Updated on Saturday, 19 June 2021, 12:22:53 pm IST 12:22 pm
spot_imgspot_img

भारत-चीन विवाद अब बातचीत से शायद ही सुलझे,क्योंकि रायता ज़्यादा फैल चुका है

By: Hasan Jamal zaidi

भारत चीन विवाद अब बातचीत से तो शायद ही सुलझे क्यूके रायता कुछ ज्यादा ही फैल चुका है। ओर ऐसे मामले बातचीत से सुलझते भी नहीं है । लद्दाख के बाद अब अरुणाचल प्रदेश का बोर्डर गरमा रहा है । 

वहां अभी कुछ दिन पहले 5 भारतीय नागरिकों को चाईनीज फोर्स द्वारा पकड़ कर ले जाने की बात सामने आई । केरन रिगजु ने ट्वीट भी किया इस पर । लेकिन चाइना की तरफ से जो जवाब आया है उससे समझा जा सकता सकता के अब सिचुएशन दूसरी हो चुकी है ।

चाइना ने कहा है के वो अरुणाचल प्रदेश को नहीं मानते ये तो नाम ही गलत है । ये साउथ तिब्बत का एरिया है जो तिब्बत का भाग है । इसलिए भारत का इस पर सवाल करने का मतलब नहीं बनता ।

देखिए चीजें एकदम से ऐसे नहीं बदलती । इन सब के पीछे वजह होती है । अपने प्लान ओर स्ट्रेटजी होती है । भारत द्वारा ब्लेक टाप की हाइट कब्जाने में जिस स्पेशल फ्रंटियर फोर्स SFF का इस्तेमाल हुआ । ओर जिस तरह से न्यूज चेनलो पर इसे बताया गया उससे साफ हो गया था के तिब्बत कार्ड अब ओपनली प्ले कर दिया गया है ।

SFF निर्वासित तिब्बतियों को लेकर बनाई गई फोर्स है ओर ये आर्मी चीफ के अंडर नहीं आती । ये केबिनेट सक्रेट्री ओर आई बी के अंडर काम करती है । इसे सीआई ए का भी सहयोग मिलता है । ऐसा भी कहा जाता है। इसका गठन 1962 युद्ध के समय हुआ था । जैसे मुक्ती वाहिनी 1971 में बनी थी । ओर ये सब बातें अब पब्लिक डोमिन में है । इसलिए मैं भी कुछ सीक्रेट नहीं लिख रहा हूं । 

तिब्बत भारत चाइना के बीच एक बफर स्टेट था जिसे 1951 में चाइना ने कब्जा लिया था । ओर वहां के धार्मिक गुरु दलाई लामा अपने सहयोगियों के साथ भारत में शरण ली थी । हम सभी लोग ये बात जानते हैं । 

भारत आज भी तिब्बत को अलग देश मानता है ओर तिब्बत के प्रेसीडेंट भारत से ही तिब्बत की सरकार चलाते हैं । इसीलिए चाइना के लगभग 3500 कि मी के बोर्डर पर लगने वाली फोर्स का नाम भारत तिब्बत सीमा पुलिस ITBP रखा गया । क्यूके हम तिब्बत को बोर्डर मानते हैं । 

ये पहले शायद कुछ लोग ही जानते होंगे । मैं भी नहीं जानता था । ओर ये तिब्बत प्रेसीडेंट को तो मेने भी अभी हाल ही में देखा । "लोपसांग सांगेय " पिक डाली है इनकी । ये तिब्बत के प्रेसीडेंट है । लेकिन रहते भारत में है । 

हांलांकि पहले भी जब कभी कोई चाइनीज प्रेसीडेंट भारत आते थे तो तिब्बती लोग प्रोटेस्ट करते थे । 

ओर दिल्ली में तो मेने खुद इन तिब्बतियों को प्रोटेस्ट के दोरान दिल्ली पुलिस से पिटते देखा है । क्यूकि तब चाइना से हमारे रिश्ते सामान्य थे । तो भारत को भी क्या जरुरत थी इन तिब्बत वालों के लिए अपने संबंध खराब करने की ? 

  तिब्बत आज़ाद होना चाहिए , किसी को बलपूर्वक इस तरह नहीं कब्जाना चाहिए । देखिए बदमाशी या फोजी ताकत से आप किसी भी एरिया को एक समय तक कब्जाए रख सकते हैं । लेकिन ईश्वर कभी न कभी तो उनकी भी सुनता है । ओर जब सुनता है तो सारे दांव उल्टे पड़ने लगते हैं । ओर फिर सारी बदमाशी पिछवाड़े में घुसेड़ दी जाती है । 

असल में सब ज़रुरत का खेल है । इसमें हमें किसी देश में कोई सिद्धांत या आदर्श ढूंढने की कोशिश नहीं करनी चाहिए ।  

ओर अपने निजि जीवन में भी जब हम सामने वाले की ओर एक उंगली दिखाते हैं तो बाकी तीन उंगली हमारी तरफ भी होती है । इसलिए हमें अपने आचरण भी ध्यान रखना चाहिए । 

 चाइना यहां लद्दाक की ये फिंगर या पेगांग लेक कब्जाने नहीं आया है । ये मेने पहले भी लिखा था अब भी वही बात है । उसका मूवमेंट तो स्ट्रेटजिकल है । जियो पोलेटिकल के हिसाब से मैप बदल रहे हैं सबकी अपनी अपनी जरूरतें है । इसलिए अगर जरुरतमंद आपस में भिड़ भी जाये तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए ।

Disclaimer: ये आलेख मूल रूप से लेखक के फेसबुक वॉल से साभार है. ये लेखक के निजी विचार हैं.

Leave a Reply

Hot Topics

Related Articles